पैकेट वाले दूध को लेकर हुआ बड़ा खुलासा: कांट्रेक्टर मिलाता था ये जहर नुमा केमिकल

इंदौर .सांची दूध में मिलावट करने वाले मुख्य आरोपी कॉन्ट्रेक्टर सुखविंदर उर्फ बंटी से जो सफेद पाउडर जब्त किया था वह पुलिस की पड़ताल में सोडियम सल्फेट निकला। इसका उपयोग डिटर्जेंट पाउडर बनाने में किया जाता है। बंटी इस पाउडर का इस्तेमाल दूध को सफेद और गाढ़ा करने के लिए कर रहा था। यह केमिकल शरीर के लिए घातक है। पुलिस ने मंगलवार रात को मांगलिया सेंटर पाइंट पर सांची दूध प्लांट में आने वाले टैंकर में मिलावट करने वाले गिरोह को पकड़ा था। मौके पर टीम ने दूध का टैंकर, एक आइशर गाड़ी जिसमें पानी के ड्रम थे और दो बोरी वाइट पाउडर जब्त किया था।
– आरोपियों ने शिप्रा पुलिस को बताया था कि वे दूध के टैंकर से दूध निकालकर उसमें केमिकल मिला पानी डालते थे। पुलिस ने आरोपियाें को पाउडर बेचने वाले का पता किया, जो सियागंज मेन रोड पर स्थित राज ट्रेडर्स का संचालक यूसुफ बोहरा था।
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– गुरुवार को बोहरा को उसकी दुकान से हिरासत में लेकर दुकान सील कर दी थी। शुक्रवार को पुलिस खाद्य औषधि विभाग की टीम के साथ दुकान पर पहुंची और उसे खुलवाकर केमिकल के संबंध में जानकारी मांगी।
छह माह से खरीद रहा था केमिकल
– मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने कहा कि बोहरा ने बताया है कि यह केमिकल सोडियम सल्फेट है। इसे डिटर्जेँट बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसे बंटी पिछले 6 माह से ले जा रहा था।
पुलिस ने रिकॉर्ड जब्त किया।
– दुकानदार बोहरा ने पुलिस को बिल रिकार्ड चेक कर बताया कि बंटी हर 20 से 22 दिन में चार बोरियों में 200 किलो केमिकल ले जाता था। पुलिस ने दुकानदार का यह रिकार्ड भी जब्त कर लिए हैं।
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दुकानदार ने बताया केमिकल, अब सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार
– स्वामी ने बताया कि घटना के अगले दिन ही टीम ने दूध, पानी और केमिकल (वाइट पाउडर) के सेंपल लेकर स्टेट फूड लैब को भेजा था। जल्द ही यहां से भी इसकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
शरीर के लिए हानिकारक
– वरिष्ठ रसायन विशेषज्ञ डॉ एस.एल. गर्ग ने बताया कि यह एक अखाद्य पदार्थ है। यह एक तरह का वेस्ट या बाय प्रोडक्ट है। इसे दूध में मिलाने से उसकी सफेदी और गाढ़ा पन बढ़ सकता है। लेकिन इसके इस्तेमाल से पेट सहित किडनी और दिल तक की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
एलर्जी भी हो सकती है
– एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में डॉ. सविता व्यास के अनुसार यह रसायन मानव के इस्तेमाल के लिए नहीं होता है। यदि यह अधिक मात्रा में शरीर में चला जाए तो उसके नुकसान होना निश्चित हैं। यह डायरिया कर सकता है। एलर्जी पैदा कर सकता है। बेचैनी आदि की समस्याएं हो सकती हैं।
जालंधर से जोत सिंह को लाए थे केमिकल मिलाने के लिए
– पकड़ाए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि दूध में फैट बढ़ाने के लिए आरोपी जोत सिंह को सुखविंदर और जसबीर विशेष तौर पर जालंधर से लेकर आए थे। वह बखूबी मात्रा जानता है कि कितना केमिकल मिलाने से कितना फेट बढ़ेगा। इसके लिए वह विशेष रूप से ट्रेंड था। ये 8 महीनों में 200 किलो से ज्यादा सोडियम सल्फेट खरीद चुके थे।
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पूछताछ के लिए दो दिन और मिले
– सांची दूध में मिलावट करने वाले आरोपी जसबीर सिंह (22) निवासी हरगोविंद नगर, रफीक अली (45) निवासी हसनाबाद देपालपुर, जोतसिंह जाट (24) निवासी पीपल्याराव, सुखविंदर (45) निवासी हरगोविंद नगर, सतेंद्रसिंह राजावत (29) निवासी देवास, जीतू उर्फ जितेंद्र (25) पिता रवींद्रसिंह राजावत निवासी अमृत नगर देवास, राकेश (36) पिता रमेश गिरी निवासी ग्राम बड़ोली त्रिलोक नगर देवास को शुक्रवार को शिप्रा पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से दो दिन का रिमांड और मिला है।





