रेलवे ट्रैक में सिर रख रो रही थी ये लड़की, सुसाइड करने से रेलवे लाइनमैन ने रोका, लेकिन उसके जाते ही…

ग्वालियर।यूनिवर्सिटी इलाके में रेलवे ट्रैक पर मिली लड़की की लाश की रविवार को पहचान हो गई। वह शनिवार दोपहर से लापता थी और शनिवार रात करीब 11 बजे लाइनमैन को उसकी बॉडी दिखी थी। इससे पहले शाम 4.30 बजे और उसके बाद कुल दो बार लड़की को रेलवे ट्रैक पर सिर रखकर रोते हुए लाइनमैन ने देखा था। उसने हटने काे कह दिया था लेकिन पुलिस को कॉल नहीं किया। यहीं लाइनमैन ने बड़ी गलती कर दी। इसके बाद देर रात उसकी लाश मिली।

रेलवे ट्रैक में सिर रख रो रही थी ये लड़की, सुसाइड करने से रेलवे लाइनमैन ने रोका, लेकिन उसके जाते ही...

– यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने बताया, मंसूरी पुत्री रामअासरे चौहान (26) निवासी डीडी नगर यहां अपने भाई के जितेंद्र चौहान के साथ किराए के मकान में रहती थी। पिता फौज से रिटायर्ड हैं और जालौन के ही रहने वाले हैं। वहीं पास में खांकरी गांव में बिजली घर में बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम करते हैं।

– पिछले डेढ़ माह से मंसूरी की मां यहां आई हुईं थीं, जिन्हें शनिवार को ही जालौन जाना था। मंसूरी प्रेस्टीज कॉलेज से बीबीए-एमबीए कर चुकी थी और पिछले दो साल से लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। इन दिनों मंसूरी एसआई की तैयारी में लगी थी। 22 अक्टूबर को एसआई का पेपर 28 अक्टूबर को होना था।

– शनिवार दोपहर करीब 2 बजे मंसूरी मां का रिजर्वेशन कराने के लिए घर से निकल गई और स्कूटी खराब होने के कारण वह ऑटो से निकल गई। इसके कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। मां, भाई व दोस्तों ने तलाश शुरू की लेकिन देररात तक कुछ पता नहीं चला। सुबह महाराजपुरा थाने में मंसूरी की गुमशुदगी की शिकायत की और वहीं से पता चला कि एक लड़की का शव यूनिवर्सिटी थाना इलाके में पड़ा मिला है। परिजन दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो पता चला कि मंसूरी का ही शव ही रेलवे ट्रैक पर मिला था।

– परिजन के अनुसार दो साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही युवती को सिलेक्शन का डिप्रेशन हो सकता है लेकिन इस हद तक नहीं कि वह जान दे दे। घर से निकलने के बाद उसके साथ कुछ होने की आशंका परिजन ने जताई है।

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मां ने रोका पर रुकी नहीं थी मंसूरी

शनिवार दोपहर स्कूटी खराब हाेने पर भाई जितेंद्र ने मंसूरी से कहा कि स्कूटी तो खराब है कैसे जाओगी, तो मंसूरी ऑटो की कहते हुए घर से निकलने लगी। इसी बीच मां ने भी आवाज दी कि बिना गाड़ी के कैसे जाएगी लेकिन मंसूरी रुकी नहीं। यहां ऑटो में माेबाइल पर बात करते हुए मंसूरी रवाना हो गई। मंसूरी कुछ असामान्य जल्दबाजी में थी जो परिजन भांप नहीं पाए। मंसूरी का मोबाइल रेलवे ट्रैक पर नहीं मिला है जिसकी कॉल डिटेल पुलिस निकलवा रही है। कॉल डिटेल में सुराग लगने की उम्मीद है।
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