MP: विवादों में घिरा ईसीसीसी, है ये बड़ी वजह…

भोपाल.प्रदेश के 7 शहरों में बनने वाली स्मार्ट सिटी की मानिटरिंग के लिए बनने वाला इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ईसीसीसी) विवादों में घिर गया है। सेंटर बनाने के लिए टेंडर में भाग लेने वाले बीएसएनएल ने निजी कंपनी को फायदा देने का आरोप लगाकर स्मार्ट सिटी कंपनी को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ऐसा पहला मामला है, जिसमें बीएसएनएल ने खुलकर लड़ाई छेड़ दी है। ऐसे तीन कड़े पत्र दिल्ली और प्रदेश के प्रमुख अफसरों को लिखकर ये हैरानी जताई है कि सबसे न्यूतनम 275 करोड़ की राशि का कोट करने के बावजूद 300 करोड़ का कोट करने वाली एचपी इंटरप्राइजेस को क्यों उपर रखा गया है।
MP: विवादों में घिरा ईसीसीसी, है ये बड़ी वजह...
– हमें तकनीकी बिड में पांचवें नंबर पर किस आधार पर रखा गया, ये खुलासा हो। इन पत्र को सोमवार को स्मार्ट सिटी कंपनी की बोर्ड बैठक में रखने पर टेंडर रोक दिया गया है।
– स्मार्ट सिटी मुख्यालय में बनने वाले ईसीसीसी के लिए सात प्रमुख कंपनियों ने टेंडर भरा है।
– ये कंपनी टैंक महिन्द्रा, लार्सन एंड टूर्बो, विप्रो, यूएस टेक्नोलॉजी इंटरनेश्नल, हिमाचल फ्यूचूरिस्ट कम्यूनिकेशंस, हेवलेट पैकर्ड इंटरप्राइज इंडिया(एचपीई) है।
– बीएसएनएल ने स्टेट लेवल टेक्नीकल कमेटी की टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए है।
– बीएसएनएल मुख्य महाप्रबंधक संदीप सावरकर ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के प्रमुख सचिव, केंद्रीय आईटी सचिव, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश, नगरीय प्रशासन आयुक्त और बीएसएनएल के सीजीएम को प्रेषित कर स्मार्ट सिटी सीईओ को तीन कड़े पत्र भेजे है।
– ये पत्र 29 सितंबर, 3 और 6 अक्टूबर को लिखे गए है।
– इनमें ऐतराज जताया है कि 24 करोड़ कम में वे काम करने को तैयार है, लेकिन उन्हें दूसरे नंबर पर रखा गया है। तकनीकी बिड में पाचवें नंबर पर कर दिया गया।
– ये दावा भी किया है कि बीएसएनएल हिताची का सॉफ्टवेयर दे रहा है, जिस पर कई राज्य और शहर में हम काम कर चुके हैं।

 जनता को ये फायदा मिलेगा

– किसी भी घटना,दुर्घटना और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।
– जनसुविधा वालेे डायल 100, एंबुलेंस 108, निगम कचरा वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़े वाहनों की लोकेशन पर कमांड रहेगी। एक जगह से निर्देश दिए जा सकेंगे।
– सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड देखी जा सकेगी।
– शहर में ट्रेफिक जाम, सार्वजनिक आयोजन, रैली या भीड़ जमा होने पर त्वरित अलर्ट जारी हो सकेंगे। जिम्मेदार अमले को नियंत्रण के लिए मौके की स्थिति तुरंत भेजी जा सकेगी। – स्मार्ट सिटी की सेवाओं की रियल टाइम निगरानी होगी।

पत्र में ये आरोप लगाए

– एचपीई को स्मार्ट सिटी परियोजना में काम करने का कोई अनुभव नहीं है। एचपीई वास्तव में उपकरण निर्माता कंपनी है, जो सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्क उपकरण बनाती है। 
– एचपीई ने निविदा में कमांड सेंटर एप्लीकेशन के रूप में ट्रिनिटी सॉफ्टवेयर प्रस्तावित किया है, जो सर्विलेंस कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर है। यह सीसीसी की जरूरत पूरा नहीं करेगा।

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– बीएसएनएल ने टेंडर में सबसे कम राशि कोट की है, लेकिन दूसरे नंबर पर रखा गया है। 
-संदीप सावरकर, पीजीएम, बीएसएनएल
– टेंडर में हारने के बाद आपत्ति का औचित्य नहीं है। वे प्री बीड पर लगाते। फाइनेंशियल के बाद क्यों लगा रहे है।
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