UP: आगरा रेड लाइट एरिया में में कुछ इस हालत में मिले लड़का-लड़की, दरवाजा तोड़ घुसी पुलिस
आगरा.रेड लाइट एरिया माने जाने वाले कश्मीरी बाजार (माल का बाजार) में मंगलवार को पुलिस ने रेड मारी। सूचना लीक होने के बाद भी यहां के एक कोठे के बंद कमरे से पुलिस ने संचालिका समेत दो लड़कियां और एक कस्टमर को अरेस्ट कर लिया। मौके पर पुलिस को आपत्तिजनक चीजें मिली हैं।

छापेमारी की सूचना हुई लीक
– बता दें, पुलिस के पहुंचने से पहले ही कोठे वालों को सूचना मिल गई थी और सभी कोठों में बाहर से ताले लग गए थे।
– सीओ संजय का कहना है कि सेक्स रैकेट की सूचना पर छापा मारा गया था। सूचना लीक होने की वजह से ज्यादातर लोग ताला लगाकर भाग गए हैं।
– पुलिस अब लगातार छापेमारी करेगी और यहां से सेक्स रैकेट बंद करवाएगी।
साल में 3-4 बार पड़ता है यहां छापा
– बता दें, साल में करीब चार बार यहां छापा पड़ता है और हर बार लड़किया सेक्स रैकेट में पकड़ी जाती रही हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सेटिंग की वजह से यहां कभी भी सेक्स रैकेट बंद नहीं हो पाता। छापे के दूसरे-तीसरे दिन ही यहां धंधा शुरू हो जाता है।
– अभी कुछ समय पहले कलकत्ता की एक लड़की को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के जरिए लाने की सूचना पर सीओ अपर्णा सिंह ने पूरी रात सर्च ऑपरेशन किया था और तीन लड़किया जबरन लाई हुई समेत 15 गिरफ्तार की गई थी।
– उसके अगले ही महीने यहां एक संस्था द्वारा एमए छात्रा को जबरन सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस पहुंची थी और चार लड़किया गिरफ्त में ली गई थी।
– अभी कुछ समय पहले कलकत्ता की एक लड़की को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के जरिए लाने की सूचना पर सीओ अपर्णा सिंह ने पूरी रात सर्च ऑपरेशन किया था और तीन लड़किया जबरन लाई हुई समेत 15 गिरफ्तार की गई थी।
– उसके अगले ही महीने यहां एक संस्था द्वारा एमए छात्रा को जबरन सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस पहुंची थी और चार लड़किया गिरफ्त में ली गई थी।
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मुगलों के समय के चल रहे हैं यहां के कोठे
– आगरा के कश्मीरी बाजार में मुगलों के समय से कोठे चलते हैं।
– पहले ताजमहल बनने के समय बेड़िया जाती के लोगों को यहां और ताजमहल के पास बसई में शाहजहां ने बसवाया था, ताकि जो दूर-दूर से मजदूर कारीगर आए थे वो इन बेड़ियों का नृत्य देख सकें।
– पहले ताजमहल बनने के समय बेड़िया जाती के लोगों को यहां और ताजमहल के पास बसई में शाहजहां ने बसवाया था, ताकि जो दूर-दूर से मजदूर कारीगर आए थे वो इन बेड़ियों का नृत्य देख सकें।
– शुरुआत में बेड़िया केवल नृत्य करते थे, लेकिन बाद में बसई में सेक्स वर्किंग होने लगी और यहां मुस्लिम महिलाओं का कब्जा हो गया। ज्यादातर कोठे शाहगंज के एक क्षेत्र के लोग ही चला रहे हैं।





