दशहरा मेले के शोर में हुई बुजुर्ग की हत्या, नहीं चला पता
लुधियाना.जमालपुर कॉलोनी स्थित एमआईजी फ्लैट में अकेले रहते एक बुजुर्ग की तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई। बुजुर्ग के घर के पास दशहरा मेला लगा हुआ था, जिस कारण किसी को कोई आवाज ही सुनाई नहीं दी। वारदात के बाद मेन गेट को ताला लगाकर हत्यारा भाग निकला। हत्यारा उनका मोबाइल फोन भी साथ ले गया। बुजुर्ग के बेटे ने जब फ्लैट के मेन गेट की साइड से देखा तो अंदर खून पड़ा हुआ था। बुजुर्ग एमआईजी फ्लैट के रहने वाले महिंदर सिंह(70) हैं। पुलिस ने बेटे सतपाल सिंह के बयानों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

महिंदर सिंह के तीन बेटे सतपाल सिंह, हरपाल, वरिंदर और एक बेटी अमरजीत कौर है। दंगा पीड़ित होने के कारण महिंदर को सरकार की तरफ से एमआईजी फ्लैट मिला था। जिसमें उनके दो बेटे, पत्नी, बेटी और दोहती रहती है। उन्होंने करीब 12 साल पहले अपने फ्लैट के सामने एक और फ्लैट खरीदा था। इसमें महिंदर अकेले ही रहते थे। जबकि उनका एक बेटा हरपाल अपनी पत्नी सुषमा के साथ सुरजीत कॉलोनी में रहता था। महिंदर पहले ऑटो किराए पर देने का काम करते थे, लेकिन बाद में उस काम को बंद करके सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करनी शुरू कर दी। कुछ समय से वे घर पर ही रह रहे थे। शुक्रवार रात महिंदर अपने फ्लैट में जाकर सो गए। बेटे सतपाल ने बताया कि महिंदर हर त्योहार पर सुबह गुरुद्वारा कटानी कलां जाते थे।
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शनिवार सुबह उनके फ्लैट को ताला लगा देखकर सोचा कि शायद वे माथा टेकने गए हैं। दोपहर तक वापस आने पर घरवालों ने उनके मोबाइल पर फोन किया तो वो भी ऑफ रहा था। फ्लैट में पंखे और लाइटें ऑन थीं। करीब दो बजे सतपाल ने फ्लैट के मेन गेट की साइड से अंदर देखा तो खून बिखरा हुआ था। ताला तोड़ा तो सामने महिंदर की लाश खून से लथपथ पड़ी थी। वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड पुलिस ने घर से बरामद कर ली है। इलाके के एक व्यक्ति ने बताया कि महिंदर का परिवार के साथ अक्सर झगड़ा होता था। इसी कारण वे अकेले रहते थे।





