आखिर क्यों इलाहाबाद HC में यूपी सरकार से PWD विभाग का अकाउंट सीज करने की कही बात

इलाहाबाद. मंगलवार को हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग का अकाउंट क्यों न सीज कर दिया जाए। इस मामले में यूपी सरकार को दो हफ्तों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देना है। इसके साथ ही इस मामले की सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।
आखिर क्यों इलाहाबाद HC में यूपी सरकार से PWD विभाग का अकाउंट सीज करने की कही बात

ठेकेदार का रोका था हाफ पेमेंट

– याचिकाकर्ता प्रवीण सिंह पेशे से आजमगढ़ PWD विभाग में ‘C’ क्लास का ठेकेदार हैं। उसे सरहदा से भीमभर तक सड़क बनाने का ठेका मिला था। उसने चय वक्त में अपना काम भी पूरा कर लिया और बिल भुगतान के लिए PWD विभाग में पेपर भी पेश कर दिया।

– विभाग ने इस ठेकेदार के काम का हॉफ पेमेंट भी कर दिया, लेकिन बाकी की पेमेंट 45 हजार 273 रुपया का भुगतान रोक दिया गया । इससे नाराज होकर ठेकेदार ने अधिवक्ता राजीव सिंह के जरिए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की।

-हाईकोर्ट के 2 जजों की पीठ ने 14 जुलाई को याचिका पर यह आदेश देते हुए कहा कि एक्सईएन (पीडब्ल्यूडी) 6 हफ्तों में ठेकेदार के बकाया पैसो के भुगतान का आदेश दे दिया।

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– हाईकोर्ट के इस आदेश पर एक्सईएन ने 5 सितंबर को ठेकेदार के पास लिखित जवाब देकर कहा,” इस बिल का पेमेंट हो सकता है, लेकिन इसका पेमेंट पीडब्ल्यूडी अनुभाग-13 के ज्वाइंट सेक्रेटरी के आदेश के बिना नहीं हो सकता है।एक्सईएन के इस आदेश पर दोबारा याचिका दायर कर ठेकेदार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। बता दें कि PWD अनुभाग-13 के ज्वाइंट सेक्रेटरी यहीं पीडब्ल्यूडी का हेडक्वार्टर है।
-ठेकेदार के वकील राजीव सिंह का कहना था, “जब बिल का पैसा और उसका भुगतान करने की बात विभाग मान रहा है, तो विभाग के बड़े अधिकारी इस भुगतान को कैसे रोक सकते । याचिकाकर्ता ने पैसा लगाकर ठेके का काम पूरा किया है, इस नाते उसे उसके पैसो का भुगतान पाने का अधिकार है।”
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