खुशखबरी: ड्राइविंग करते वक्त अगर आप भूल गए हैं लाइसेंस तो भी नहीं कटेगा चालान, बस ये करना होगा काम

अगर आपको ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की आरसी रखना झंझट लगता है या आप अक्सर इसे घर पर ही भूल जाते हैं तो अब घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब पुलिस आपका चालान नहीं काटेगी. आपको बता दें सरकार ने अब अपने साथ लाइसेंस की हार्ड कॉपी रखने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. आप इसके लिए सॉफ्ट कापी दिखाकर काम चला सकते हैं, लेकिन ये सॉफ्ट कॉपी आपके डिजिटल लॉकर में होनी चाहिए. यहां से ही ट्रैफिक पुलिस आपके ड्राइविंग लाइसेंस को वैरिफाई कर लेगी. 

खुशखबरी: ड्राइविंग करते वक्त अगर आप भूल गए हैं लाइसेंस तो भी नहीं कटेगा चालान, बस ये करना होगा काम

क्या है डिजिटल लॉकर 

डिजिटल लॉकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल लॉकर का उद्देश्य भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करना और एजेंसियों के बीच में ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. इसमें अकाउंट बनाकर आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं. डिजिटल लॉकर में ई-साइन की सुविधा भी है जिसका उपयोग डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने के लिए किया जा सकता है.

कैसे बनाएं अपना डिजिटल लॉकर 

डिजिटल लॉकर या डिजिलॉकर का इस्तेमाल करने के लिए आपको https://digitallocker.gov.in पर अपना अकाउंट बनाना होगा. इसके लिए आपको अपने आधार कार्ड नंबर की जरूरत होगी. साइट पर साइनअप करने के लिए आधार नंबर मांगा जाएगा और दो विकल्प यूजर के वैरिफिकेशन के लिए उपलब्ध होंगे. पहला ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड जिसपर क्लिक करते ही आपको आधार कार्ड में दिए गए मोबाइल नंबर पर ये पासवर्ड आ जाएगा. यदि आप दूसरा विकल्प यानी अंगूठे का निशान चुनते हैं तो एक पेज खुलेगा जहां आपको उंगलियों के निशान पर अपने अंगूठे का निशान लगाना होगा. अगर निशान वैध है तभी यूजर का वैरिफिकेशन हो पाएगा और इसके बाद आप अपना यूजर नेम और पासवर्ड क्रिएट कर पाएंगे.

सरकारी विभागों और ऐजेंसियों के साथ कर सकेंगे शेयर 

आप जो भी कागजात अपलोड करते हैं या विभिन्न एजेंसियां आपको जो कागजात जारी करती हैं उनके सामने शेयर का विकल्प दिया हुआ होगा. जैसे ही आप शेयर करें पर क्लिक करेंगे एक डायलॉग बॉक्स खुलेगा. उस डायलॉग बॉक्स में आप जिस भी व्यक्ति या संस्था से वो कागजात शेयर करना चाहते हैं उसका ईमेल आईडी डालेंगे और शेयर करें पर क्लिक करेंगे तो संबंधित मेल आईडी पर उस कागजात का लिंक मेल हो जाएगा, जिसका वो उपयोग कर सकता है.

इस लॉकर में pdf, jpg, jpeg, png, bmp और gif फॉरमेट की फाइलें सेव की जा सकती हैं. अपलोड की जाने वाली फाइल का साइज 1 एमबी से ज्यादा नहीं होना चाहिए. फिलहाल प्रत्येक यूजर को 10 एमबी का स्पेस मिलेगा जिसे बाद में बढ़ाकर 1 जीबी किया जाना प्रस्तावित है. इससे ऑनलाइन दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी.  

डिजिटल लॉकर ही क्यों?

इस तरह की सुविधा के लिए डिजिटल लॉकर में सेव किए गए डॉक्यूमेंट्स को ही मान्यता दी गई है. इसका कारण ये है कि इसमें फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि इस पर अकाउंट बनाने के लिए आपको आधार कार्ड की जरूरत होती है. इसके लिए एक बेहद आसान और साफ सुथरी प्रक्रिया है, जिससे ऑनलाइन दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी.

 

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