महिला को हॉस्पिटल से जबरन किया डिस्चार्ज, परिजन एंबुलेंस लेकर पहुंचे CM हाउस

  • भोपाल.हमीदिया अस्पताल में व्यवस्थाएं पटरी पर आने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अस्पताल में भर्ती महिला की स्थिति ठीक न होने के बावजूद डाॅक्टरों ने परिजनों से उसे डिस्चार्ज करने की बात कही। इस पर परिजनों ने महिला आयोग में शिकायत कर दी। आयोग ने गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन को फटकार लगाते हुए कहा कि जब तक महिला पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाती तब तक डिस्चार्ज न किया जाए। इसके बाद भी डाॅक्टरों ने महिला को डिस्चार्ज कर दिया। इससे नाराज परिजन उसे एंबुलेंस में लेकर सीएम हाउस पहुंच गए। सीएम हाउस के स्टाफ ने हमीदिया प्रबंधन से बात की और उन्हें वापस भर्ती करने भेज दिया गया। इस पूरे मामले में महिला आयोग ने जीएमसी डीन व हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक से जांच रिपोर्ट तलब की है।
    महिला को हॉस्पिटल से जबरन किया डिस्चार्ज, परिजन एंबुलेंस लेकर पहुंचे CM हाउस
    रायसेन निवासी बेगम बी को सोमवार को हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया था। उन पर कुछ लोगों ने तलवार से हमला करके जान से मारने की कोशिश की थी। उन्हें गंभीर हालत में पहले रायसेन जिला अस्पताल लेकर गए। गंभीर हालत के चलते उन्हें हमीदिया रैफर कर दिया गया। हमीदिया में बेगम बी सर्जिकल डिपार्टमेंट के वार्ड नंबर 5 में पलंग नंबर 33 पर भर्ती थी। यहां डॉक्टरों ने उन्हें दो दिन रखने के बाद डिस्चार्ज कर दिया। जबकि महिला को होश तक नहीं आया था। मामले में जीएमसी डीन एमसी सोनगरा कहना है कि महिला आयोग के फोन आने के बाद उन्होंने डिस्चार्ज न करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद क्या हुआ मुझे जानकारी नहीं। मैं स्टाफ से बात करूंगा।

    आयोग में की थी शिकायत, फिर भी नहीं माने निर्देश

    मामले को लेकर मरीज के परिजनों ने महिला आयोग में शिकायत की थी। आयोग की सदस्य सूर्या चौहान ने बताया कि टीम भेजकर महिला की स्थिति की जानकारी ली तो पता चला कि उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है। जीएमसी डीन एमसी सोनगरा को फोन करके महिला का पूरा इलाज करने के निर्देश थे। इसके बावजूद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

    इसे भी देखें:- अभी-अभी: इस्तीफा देंगे सीएम योगी और केशव प्रसाद मौर्या…!

    बुधवार को भी मरीजों को नहीं मिली अस्पताल में पूरी दवाएं

    हमीदिया में बुधवार को भी मरीजों को पूरी दवाएं नहीं मिली। मरीजों का कहना है कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल के यह हाल है तो न दूरदराज के अस्पतालों की स्थिति जाने क्या होगी। कोलार से पहुंचे हामिद अंसारी का कहना है कि डॉक्टर ऐसी दवाएं लिखे जो उनके स्टॉक में हो। उनका कहना है कि सरदार वल्लभ भाई निशुल्क दवा वितरण योजना के तहत दवाएं दी जा रही है लेकिन हमीदिया प्रबंधन योजना के नाम का तक लिहाज नहीं कर रहा। वहीं बच्चे को लेकर पहुंची शांति बाई का कहना है कि जब सब दवाएं बाजार से लेना है तो स्टोर क्यों खोल कर रखा है।

    अधीक्षक व डीन एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

    स्टोर में बेसिक दवाएं नहीं होने के मामले में अब जिम्मेदारों ने भी पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है। अस्पताल के स्टोर में दवाएं उपलब्ध कराने के मामले में जीएमसी डीन सोनगरा का कहना है कि हमीदिया के अधीक्षक से बात करें। दवा उपलब्ध कराने का जिम्मा उनका है। वहीं अस्पताल अधीक्षक दीपक मरावी का कहना है कि वे कुछ नहीं कहेंगे। डीन ही इस मामले में बात करेंगे।
Back to top button