पठानकोट. पठानकोट रेलवे स्टेशन पर 1968 में शहीद हुए रेलकर्मियों की याद में हर साल 19 सितंबर को आयोजित होने वाले शहीदी कान्फ्रेंस में पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल से आए रेलकर्मियों के सामने एनआरएमयू के लीडर शहीदों को लाम सलाम के नारे लगवाते रहे तो उसी समय दूर-दराज से आए कई कर्मचारियों ने पास खड़ी ट्रेन की बोगियों को मयखाना बना लिया और जाम छलकाते रहे। शर्मनाक था कि उन्हें यह भी याद नहीं रहा कि वे अपने शहीद साथियों के श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने आए हैं।
– कान्फ्रेंस के लिए पठानकोट रेलवे स्टेशन और नैरोगेज को लाल झंडियों से सजाया गया था।
– नैरोगेज प्लेटफार्म पर आयोजित समारोह में एनआरएमयू (नार्दर्न रेलवे मैन्स यूनियन) के राष्ट्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा तथा सीटीयू के वाइस प्रधान मंगतराम पासला ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
– रेलवे क्रासिंग ठेके पर एनआरएमयू बैच लगाए कर्मी शराब खरीदते हुए, ट्रेन के डिब्बों में, नैरोगेज कैबिन के नीचे और प्लेटफार्म पर पेग लगाते रेलवे कर्मचारी।
शराब पीने वालों ने शहीदों को बदनाम किया : पासला
कई लोग गलत हैं जिन्होंने ऐसा कर शहीदों का अपमान किया है। कामरेड शिवदत्त ने भी कहा कि ऐसे पियक्कड़ लोगों को कान्फ्रेंस में आना ही नहीं चाहिए। अगर उसी वक्त पता चलता तो उन पर कार्रवाई करते। समारोह में शामिल होने हजारों की संख्या में कर्मी एनआरएमयू डेलीगेट स्पेशल ट्रेन और धौलाधार एक्सप्रेस से पहुंचे हुए थे। जिस समय नेता क्रांतिकारी तकरीरें दे रहे थे उसी समय कान्फ्रेंस में शामिल हो रहे कई मैंबर पास खड़ी ट्रेन की बोगियों में जाम छलका रहे थे।
ट्रेन के अलावा नैरोगेज केबिन के नीचे, प्लेट फार्म और रेल पटरी के पास कई जगह ग्रुपों में लोग पैग लगाते दिखे। दोपहर 2 बजे हालात यह थी कि ढांगू रोड क्रासिंग के पास शराब ठेके पर एनआरएमयू का बैच लगाए लोगों के शरी खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। ट्रेन में पैग लगा रहे लोगों से भास्कर टीम के पैग लगाने के बारे में पूछने पर कर्मियों ने नशे की हालत में बताया कि वे मोगा से हैं। बोले,यूनियन वाले सानूं मूर्ख बनांदे ने। हर साल पैसे इकट्ठे कर प्रोग्राम करांदे, पर हुंदा कुछ नईं। शहीदी कान्फ्रेंस वच लीडर हनीप्रीत ते राम-रहीम देबारे भाषण देंदे ने, जिवें फंक्शन राम-रहीम दा होवे।