Engineers Day: आज अपने इंजीनियर दोस्‍त ‘रैंचो’ को ऐसे कीजिए विश

थ्री ईडियट्स (2008) फिल्‍म के काबिल इंजीनियरिंग छात्र ‘रैंचो’ (आमिर खान) को तो आप जानते ही है. इस तरह के तमाम रैंचो हमारे दोस्‍त हैं. आज इन सबको विश करने का दिन है क्‍योंकि 15 सितंबर को हर साल इंजीनियर डे के रूप में मनाया जाता है.  यानी आपके घर, परिवार, मित्रों में से कोई यदि इंजीनियर है तो उसको आज विश करने का दिन है. दरअसल देश के महान इंजीनियर एम विश्‍वेश्‍वरैया के जन्‍मदिन (15 सितंबर) के मौके पर इस दिवस को मनाया जाता है. भारत रत्‍न एम विश्‍वेश्‍वरैया को आधुनिक भारत के विश्‍वकर्मा के रूप में याद किया जाता है. आइए इस दिवस से संबंधित जानें पांच अहम बातें: Engineers Day

1. विश्वेश्वरैया का जन्म मैसूर में ‘मुद्देनाहल्ली’ नामक स्थान पर 15 सितम्बर, 1861 को हुआ था. महज 23 साल की उम्र में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद उनको नासिक में असिस्‍टेंट इंजीनियर की नौकरी मिल गई.

2. मैसूर को विकसित एवं समृद्धशाली क्षेत्र बनाने में मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का अभूतपूर्व योगदान रहा है. ‘कृष्णराजसागर बांध’, ‘भद्रावती आयरन एंड स्टील व‌र्क्स’, ‘मैसूर संदल ऑयल एंड सोप फैक्टरी’, ‘मैसूर विश्वविद्यालय’, ‘बैंक ऑफ मैसूर’ समेत अन्य कई महान् उपलब्धियाँ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के कड़े प्रयास से ही संभव हो पाई. इसीलिए इन्हें कर्नाटक का भगीरथ भी कहते हैं.

3. 1955 में भारत रत्‍न दिया गया. 1962 में निधन हो गया. 1968 से उनकी याद में हर साल इंजीनियर डे मनाने की घोषणा की गई.

4. एम विश्‍वेश्‍वरैया को तो महज 23 साल की उम्र में नौकरी मिल गई थी लेकिन आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्‍नीकल एजुकेशन (AICTE) के मुताबिक मौजूदा दौर में भारत के इंजीनियरिंग छात्रों की बड़ी संख्‍या संतोषजनक रोजगार खोज पाने में अक्षम है.

5. एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले करीब आठ लाख छात्रों में से तकरीबन 60 फीसद बेरोजगार रह जाते हैं. हर साल कुल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट में से महज चार फीसद छात्रों को ही इंटर्नशिप का मौका मिल पाता है

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