दिव्यांगों के अधिकार के लिए अब सरकार चलाएगी जागरूकता अभियान

नयी दिल्ली. सरकार दिव्यांगों के अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय प्रसारण चैनलों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलायेगी। इस अभियान में आम लोगों के साथ साथ विशेष रूप से दिव्यांगों तथा उनके परिवार के लोगों को जागरूक करने के साथ साथ उनके अनुकूल पारिस्थिकी तैयार करने पर भी जोर दिया जायेगा। ईरानी ने कहा कि दिव्यांगों के लिए पूरी पारिस्थितिकी तैयार की जानी चाहिये। एक ऐसी पारिस्थितिकी जिसमें उन्हें सहयोग और शक्ति दी जा सके, ना कि सहारा दिया जाये।दिव्यांगों

उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के परिवार वालों की भी काउंसिलिंग जरूरी है। यह जरूरी है कि परिवार कभी किसी दिव्यांग को यह एहसास न होने दे कि वह परिवार पर बोझ है। स्मृति ईरानी ने यहाँ समावेशी भारत शिखर बैठक के उद्घाटन सत्र में कहा “समावेश के लिए सूचना बहुत जरूरी है। आज कितने दिव्यांग ऐसे हैं जो जानते हैं कि उनके लिए सरकार की सोच क्या है।

दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से हम दिव्यांगों और उनके परिजनों को उनके अधिकारों के बारे में बतायेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि 10वीं के बाद की पढ़ाई के लिए भी दिव्यांगों को छात्रवृत्ति की सुविधा दी जा सके। भारत में संयुक्त राष्ट्र के संयोजक यूरी अफनासिव ने कहा कि भविष्य के भारत के लिए सड़कों, घरों तथा दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चरों का निर्माण अगले कुछ वर्षों में होना है।

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यह दिव्यांगों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में भारत के लिए सबसे बड़ा सुअवसर है। उन्होंने कहा कि सेवाओं में बदलाव तुरंत संभव है, इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव करने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन लोगों की मानसिकता बदलनी सबसे कठिन कार्य है। फिल्म अभिनेता और सुगम्य भारत अभियान के ब्रांड एम्बेसडर विवेक ओबेरॉय ने कहा कि दिव्यांग जनों को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह एक ऐसा समाजिक कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं जिसमें अगले पाँच साल में एक लाख दिव्यांगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए उन्होंने आर्थिक तथा अन्य हर प्रकार के संभव मदद देने का वादा किया।

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