BRD केस: नेहरु बैरक में डॉक्टर राजीव, मैडम के ल‍िए खाली कराया गया मह‍िला बैरक

  • गोरखपुर. दर्जनों बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए बीआरडी मेड‍िकल कॉलेज के निलंबित प्र‍िंस‍िपल डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को क्राइम ब्रांच की टीम ने ज‍िला कारागार गोरखपुर में दाखिल कराया। डॉ. राजीव मिश्र को नेहरु बैरक में, जबकि उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को एक महिला बैरक खाली कराकर रखा गया है। बता दें, गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट-8 से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के एडीजे शिवानंद सिंह के आदेश के बाद सीओ कैंट अभिषेक मिश्रा की अगुवाई वाली पुलिस टीमों ने दोनों को एक साथ गोरखपुर जेल में दाखिल कराया। डॉ. दंपती को पानी की बोतल और जीवन रक्षक कुछ मेडिसिन के साथ जेल के अंदर ले जाया गया।
    BRD केस: नेहरु बैरक में डॉक्टर राजीव, मैडम के ल‍िए खाली कराया गया मह‍िला बैरक

    10-10 आदर्श कैदी डॉ. दंपती पर रखेंगे 24 घंटे नजर…

    -सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. पूर्णिमा शुक्ला और डॉ. राजीव मिश्र की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके, इसके लिए दोनों के ही बैरकों में 10-10 आदर्श कैदियों को भी रखा गया है।
    -इसकी सूची जेलर राम कुबेर सिंह ने पहले ही बना ली थी। उन्हें पहले ही पता चल गया था कि कोर्ट ने डॉ. दंपती को जेल भेजे जाने का आदेश दिया है।

    ऐसे कैदियों में सुसाइड करने की प्रवृत्ति लेती है जन्म

    -सूत्रों के अनुसार, एनएचआरएम घोटाले के आरोपियों की जेल में हुई मौत से जेल प्रशासन ने खासा सबक लिया है और अलर्ट भी है।
    -जेल के एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित किए जाने की शर्त पर बताया, ऐसे कैदियों में जो कभी किसी आपराधिक मामले में लिप्त नहीं रहे उनमें सुसाइड किए जाने की प्रवृत्ति जन्म लेती है। इसलिए ऐसे कैदियों को जो भी कुछ खाने पीने को दिया जाता है उसे पहले आदर्श कैदी चेक कर लेते हैं। दवाएं भी जेल के डॉक्टर के सलाह और चेक किए जाने के बाद ही खाने की इजाजत दी जाती है।

    बरेली के मूल निवासी हैं डॉ. राजीव मिश्रा

    -डॉ. राजीव मिश्रा मूलरूप से यूपी के बरेली जिले के रहने वाले हैं। 1974 में डॉ. राजीव गोरखपुर आए और बीआरडी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई की। यहीं शिक्षक से होते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के प्र‍िस‍िंपल पद तक पहुंचे।
    -डॉ. केपी कुशवाहा के 30 जून 2015 को रिटायर होने के बाद डॉ. राजीव बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तीसरे प्र‍िस‍िंपल बने थे। बीआरडी का प्रिंसिपल बनने के बाद अपनी पत्नी डॉ. पूर्णिमा के सहयोग से डॉ. राजीव मिश्र ने अकूत संपत्ति कमाई।
    -इस बीच चर्चा है कि बेतियाहाता में एक आलीशान बिल्डिंग है, जो डॉ. राजीव की पत्नी डॉ. पूर्णिमा के नाम से है।

    पत्नी पर नहीं चलता था कोई खास जोर

    -डॉ. राजीव मिश्रा को लौकी की सब्जी, सेवई और रोटी बेहद पसंद है। इसे वे अक्सर रात में खाते थे। डॉ. मिश्रा बेहद ही धार्मिक प्रवृत्ति के बताए जाते हैं। वे बिना पूजा-पाठ किए चाय तक नहीं पीते थे।
    -यह बात दीगर है कि उनकी अपने पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला पर कोई खास जोर नहीं चल पाता था।

    कानपुर की कोर्ट में फफककर रो पड़े थे डॉ. राजीव मिश्र

    -यूपी एसटीएफ ने डॉ. दंपती को कानपुर से अरेस्ट किया। टीम दंपती को लेकर लखनऊ तक पहुंच आई थी और गोरखपुर पुलिस के हवाले भी कर दिया था। उसी दिन दंपती को पुलिस लेकर गोरखपुर चली आती, लेकिन कार्रवाई बेहद गोपनीय होने के बावजूद लीक हो गई।
    -कानूनी अड़चन से बचने के लिए पुलिस दंपती को फिर से कानपुर ले गई और बुधवार को कानपुर की कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड ली। इसके बाद बुधवार की शाम तक दंपती को लेकर गोरखपुर पहुंची और अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की।

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    एसपी सिटी की अगुवाई में कोर्ट में पेश किए गए दंपती

    -एसपी सिटी की अगुवाई में गुरुवार को पुलिस की टीमों ने दोनों को गोरखपुर की कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोप‍ियों की पुलिस कस्टडी मांगी, लेकिन दंपती के वकील ने प्रोटेस्ट किया जिसे कोर्ट ने मान लिया और दंपती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने का आदेश दिया।
    -थाने से लेकर कोर्ट और जेल के गेट तक दंपती का एक रिश्तेदार साथ दिखा। बाद में पता चला कि दंपती का बेटा था।
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