तीन तलाक फैसले के बाद बढ़ा मुस्लिम महिलाओं का कद मिला आत्मसम्मान

देवबंद. उच्चतम न्यायालय द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिये जाने से गदगद इस मामले की एक याचिकाकर्ता ने कहा है कि इस ऐतिहासिक फैसले से मुस्लिम महिलाओं को आत्मसम्मान से जीने का अधिकार मिला है. इस मामले की पांच याचिकाकर्ताओं में से एक साबरी ने कहा,” मैं न तो पति के पास वापस जाउंगी और न ही दूसरी शादी करूंगी.” उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से मुस्लिम महिलाओं का आत्मसम्मान बढ़ा है.
देश की महिलाएं किसी मामले में पीछे नहीं हैं और वे स्वाभिमान के साथ स्वावलम्बी बनना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया जाना मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा. तीस वर्षीय साबरी दो बेटियों की मां हैं.
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वह अपनी बेटियों को शिक्षित कर आगे बढ़ाना चाहती हैं. साबरी ने इस लड़ाई में मुस्लिम महिलाओं का साथ देने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होेंने कहा कि तलाक के मामले को लेकर उनके दो साल संघर्ष में ही निकल गये. वह अपनी दोनों बेटियों को समय नहीं दे पायीं. वह अब उन पर ध्यान देंगी. उनका कहना था कि नौकरी का कोई प्रस्ताव यदि उन्हें मिला तो वह विचार करेंगी.





