मां तालाब किनारे बैठ धोती रही कपड़े, वहीं तीन बेटियों के साथ हो गया ऐसा
भोपाल.एमपी के रायसेन जिले में तीन सगी बहनों की मौत शनिवार को दोपहर तीन बजे चांदना गांव के तालाब में डूबने से हो गई। ये तीनों बहनें ऋषी पंचमी पर मां के साथ नहाने गई थीं। कोतवाली थाना क्षेत्र में 15 दिन पहले हकीम खेड़ी में भी एक पत्थर खदान में डूबने से तीन बहनों की मौत हो चुकी है, जिनमें से दो सगी और एक चचेरी बहन थी।

क्या है मामला…
जानकारी के मुताबिक चांदना गांव के पहाड़ी क्षेत्र में सिंचाई विभाग का तालाब है। सालेरा गांव में रहने वाली तीन सगी बहनें गिरजा बाई (15), मोहर बाई (13) और नन्ही बाई (12)अपनी मां फूलबाई के साथ नहाने के लिए गई हुई थीं। वे नहाते समय गहरे पानी में चली गईं और एक- दूसरे को बचाने के चक्कर में डूब गईं। इससे तीनों की मौत हो गई। रहवासी बस्ती से दूरी अधिक होने से गांव के लोग भी समय पर मदद के लिए नहीं पहुंच पाए। घटना के बाद एफआरबी वाहन से तीनों बहनों को जिला अस्पताल लाया गया। वहां पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग भी जिला अस्पताल पहुंच गए थे।
बचा इकलौता भाई शिवा
हुकुमसिंह बैरागी पत्नी सहित तीन बेटियाें और एक बेटे के साथ रहकर खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। उनकी तीन बेटियों की एक साथ मौत हो जाने के कारण अब घर में एक मात्र बेटा ही बचा है, जो सबसे छोटा है। मृतक बहनें सालेरा गांव की रहने वाली थीं और पास ही के गांव चांदना के तालाब में डूबने से उनकी मौत हुई। इसके चलते घटना की जानकारी दोनों गांवों में फैल गई। इसके बाद दोनों ही गांव में मातम छा गया।
ये भी पढ़ें:- अभी अभी: चीन के आक्रामक रुख की वजह से भारत ने लिया इतिहास का सबसे बड़ा फैसला, हिल गया पूरा देश
नन्ही बाई की चल रही थीं सांसें
ताऊ मोहर सिंह के मुताबिक तीनों बहनों को जब तालाब के पानी से बाहर निकाल लिया गया था, उस समय छोटी बहन नन्हीबाई की सांसें चल रही थीं। इसके चलते उसे जल्द अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसे भी नहीं बचाया जा सका। डॉक्टराें ने उसे मृत घोषित कर दिया।
7वीं, 8वीं और नाैवीं में थी बहनें
तालाब में डूबने से मरने वाली सालेरा गांव निवासी तीनों सगी बहनें पढ़ाई करती थीं। इनमें से सबसे बड़ी गिरजाबाई कक्षा 9 वीं, मोहर बाई 8 वीं और सबसे छोटी नन्ही बाई 7वीं में पढ़ाई कर रही थी।
देर से मिली बड़ी बेटी गिरजाबाई
लड़कियों की दादी सूरज बाई ने जैसे ही हमें बताया कि चांदना के तालाब में बेटियाें डूबने की जानकारी मिली है तो मैं गांव के लोगों के साथ सालेरा से चांदना गांव पहुंचा। वहां छोटी बेटी नन्ही और मंझली बेटी मोहरबाई तो तालाब में आसानी से मिल गईं, लेकिन बड़ी बेटी गिरजा बाई को तालाब में ढूढ़ने में करीब 40 मिनट से अधिक समय लग गया। उसे लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद तालाब से बाहर निकाला जा सका।
खुमानसिंह लोधी, रहवासी सालेरा
खुमानसिंह लोधी, रहवासी सालेरा
जिम्मेदार बोले
जिले में सिचाई विभाग के 60 से अधिक तालाब हैं। उन क्षेत्रों में चौकीदार समय-समय पर लोगों को समझाइश देते रहते हैं। सब तालाबों में तार फेसिंग संभव नहीं है। सिंचाई के अलावा गांव के लोग इन तालाबों पर पहुंचकर जानवरों काे पानी पिलाना, नहाना और दूसरे कामों में भी इनका उपयोग करते हैं। घटना दुखद है।
एके अग्रवाल, ईई जल संसाधन विभाग
एके अग्रवाल, ईई जल संसाधन विभाग
चल रही है जांच
सालेरा गांव की तीन सगी बहनों की मौत चांदना गांव के तालाब में डूबने से हुई है। हमने मौके पर पहुंचकर शव जिला अस्पताल भिजवाए। मर्ग कायम कर जांच में लिए हैं।
अभय नेमा, टीआई कोतवाली थाना रायसेन
अभय नेमा, टीआई कोतवाली थाना रायसेन
डूबने से ही मौत
सालेरा गांव की तीन बहनों के शव शनिवार की शाम जिला अस्पताल में लाए गए थे। तीनों की मौत अस्पताल आने से पहले ही हो चुकी थी। उनकी मौत पानी में डूबने से होना पाया गया है। पीएम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
डॉ. यशपाल बाल्यान, आरएमओ जिला अस्पताल रायसेन
डॉ. यशपाल बाल्यान, आरएमओ जिला अस्पताल रायसेन





