अमर सिंह की वापसी पर आजम ने कहा ‘मालिक’ का फैसला मानना पड़ेगा,

नई दिल्ली: करीब 6 साल के लंबे इंतजार के बाद अमर सिंह फिर से समाजवादी पार्टी से जुड़ने जा रहे हैं। पार्टी की ओर से राज्यसभा में भेजे जाने वाले नेताओं की सूची में अमर सिंह को शामिल किया गया है। मंगलवार को पार्टी संसदीय दल की बैठक में उनके नाम पर फैसला लिया गया।
2010 में पार्टी से निकाल दिया गया था
किसी समय में मुलायम सिंह के सबसे करीबी रहे अमर सिंह को 2010 में पार्टी से निकाल दिया गया था। हालांकि इस बार भी अमर सिंह के लिए राह आसान नहीं है। समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता और अमर सिंह के पुराने विरोधी आजम खान ने एक बार फिर उनका विरोध किया है। इतना ही नहीं अमर सिंह के विरोध में मुलायम सिंह के भाई राम गोपाल यादव भी हैं। अमर सिंह का समाजवादी पार्टी से जुड़ने का औपचारिक ऐलान बाद में किया जाएगा।
अमर सिंह रिटर्न्स!
- अमर सिंह की समाजवादी पार्टी में वापसी
- पार्टी की ओर से राज्यसभा भेजे जाएंगे
- सपा संसदीय बोर्ड की बैठक में फ़ैसला
- अमर सिंह के नाम पर कुछ नेताओं को एतराज़
- आजम खान और राम गोपाल यादव अमर सिंह के विरोध में
- 2010 में पार्टी से निकाले गए थे अमर सिंह
आजम खान का बयान
यूपी सरकार के मंत्री आजम खान ने कहा, मैं समझता हूं कि ये दुखद प्रकरण है। नेता जी पार्टी के मालिक हैं, इसलिए मालिक के फैसले को चुनौती देना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
योगी आदित्यनाथ का बयान
इस मामले पर जब बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि सपा डूबता हुआ जहाज है। अच्छा है, सारे डूबने वाले लोग एक साथ आकर डूबें।
यूपी से राज्यसभा की 11 सीटें खालीं
मुलायम सिंह ने अमर सिंह को समाजवादी पार्टी का राज्यसभा का टिकट दे दिया। यूपी से राज्यसभा की 11 सीटें खाली हुई हैं, जिनमें से छह सीट आसानी से जीतने भर के लिए सपा के पास वोट हैं। कहते हैं कि पार्टी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग में मुलायम के भाई रामगोपाल यादव और मंत्री आजम खान ने अमर सिंह का विरोध किया लेकिन मुलायम के आगे उनकी नहीं चली।





