पिछले साल नवंबर में 1000 और 500 रुपए के जो नोट बंद किए गए थे, उनमें से 99% बैंकिंग सिस्टम में वापस आ चुके हैं। सिर्फ 1% बचे रह गए। इनमें 1000 के हर 10 लाख नोटों में से 19 नकली हैं। आबीआई की सालाना रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि नोटबंदी से कालेधन पर रोक लगाने का मकसद अधूरा रहा।
इतनी रकम कालेधन के रूप में…
– आरबीआई ने बताया कि नोटबंदी से पहले 1000 और 500 के 15.44 लाख करोड़ रुपए के नोट चलन में थे।
– 30 जून तक 15.28 लाख करोड़ के नोट वापस आए। सिर्फ 16 हजार 50 करोड़ रुपए के नोट नहीं आए। यानी इतनी रकम कालेधन के रूप में थी।
– सहकारी बैंकों में 10 से 14 नवंबर के बीच आए नोट आरबीआई में जमा होने बाकी है। इनसे वापस आए नोटों की संख्या बढ़ेगी।
– रिपोर्ट आते ही सरकार की किरकिरी शुरू हो गई। रात साढ़े आठ बजे वित्त मंत्री ने सफाई दी।
– उन्होंने कहा है कि जिन्हें कालेधन की समझ नहीं, वही नोटबंदी को वापस आई रकम से जोड़ रहे हैं। खास मामलों में पुराने नोट 30 जून तक जमा हुए थे।
7 महीने 22 दिन की नोटबंदी; सरकारी खर्च ऐसे समझिए…
1. 104 लोगोंं की मौत हुई थी शुरुआती 50 दिनों में
– नोटबंदी में बैंकों के सामने कतारों में घंटों खड़े होने और पैसे की किल्लत से 104 लोगों की मौत हुई। दो से चार हजार रुपए निकालने के लिए लोगों को दिन-दिनभर खड़ा रहना पड़ा।
2. सेना के 520 जवान नोट छपाई और ढुलाई में लगाए
– प. बंगाल के सालबोनी और मप्र के देवास में नोट प्रिंटिंग में सेना के 400 जवान लगाए गए। एयरफाेर्स के पायलटों सहित 120 जवानों ने नए नोटों की खेप देशभर में पहुंचाई।
3. 4.5 करोड़ दिन अतिरिक्त काम किया बैंक कर्मियों ने
– नोटबंदी के 50 दिन में एक कर्मचारी ने औसतन 6 घंटे एक्स्ट्रा काम किया। इस लिहाज से देश के बैंक कर्मियों ने 36 करोड़ घंटे एक्सट्रा काम किया। यानी 4.5 करोड़ वर्किंग डेज।
4. वायुसेना की 40 उड़ानें, 650 टन नोट की ढुलाई
– नाेट पहुंचाने के लिए एयरफोर्स की फ्लाइट्स ग्लोबमास्टर, हरक्यूलिस, एएन32, सी17 लगाई गईं। वायुसेना ने 650 टन नए नोट देशभर में पहुंचाए। फ्लाइट्स ने 40 से ज्यादा उड़ानें भरीं।
वित्त मंत्री जेटली ने गिनाए ये फायदे
– नोटबंदी का मकसद सिर्फ कालेधन से लड़ना नहीं था। डेटा माइनिंग से बड़ी तादाद में संदिग्ध लेनदेन का पता चला।
– नोटबंदी के बाद टैक्स कलेक्शन 25% और टैक्स पेयर 27% बढ़े हैं। टेरर फंडिंग भी कम हुई है।
– बैंकों ने 4.73 लाख संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दी। एक साल पहले यह संख्या सिर्फ 1.06 लाख थी।
– और विपक्ष के बारे में: जिन लोगों को कालेधन की समझ नहीं है, वही नोटबंदी को सिर्फ बैंकों में वापस आई रकम से जोड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने 8 नवंबर को नोटबंदी की थी
– 8 नवंबर 2016: नोटबंदी से पहले 1000 और 500 के 15.44 लाख करोड़ रुपए के नोट चलन में थे।
– 30 जून 2017: 15.28 लाख करोड़ रुपए के नोट वापस आ चुके थे रिजर्व बैंक के पास।
– यानी: सिर्फ 16 हजार 50 करोड़ रुपए के नोट नहीं आए। यह कुल रकम का 1% है।
चिदंबरम ने कहा- RBI को शर्म आनी चाहिए
– पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा, “नोटबंदी से रिजर्व बैंक के 16 हजार करोड़ रुपए बचे। पर नोटों की छपाई में 21 हजार करोड़ खर्च हो गए। ऐसे अर्थशास्त्री को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। नोटबंदी की सिफारिश करने वाले आरबीआई को शर्म आनी चाहिए।”