बगलान प्रांतीय परिषद ने इस घटना को तालिबान से जोड़ा है. बहरहाल, किसी भी संगठन ने अपहरण की जिम्मेदारी अब तक नहीं ली है. बता दें है कि अफगानिस्तान में बिजली आपूर्ति करने में शामिल सबसे बड़ी कंपनियों में केईसी भी एक है.