46,000 करोड़ के कर्ज में डूबी रिलायंस को लगा बड़ा झटका

नई दिल्लीः अनिल अंबानी के लिए एक बुरी खबर है. टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली स्वीडिश कंपनी एरिक्सन ने रिलायंस कम्यूनिकेशन के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट की अवमानना से संबंधित एक याचिका दाखिल कर दी है.
स्वीडिश कंपनी ने यह याचिका निर्धारित डेडलाइन तक 550 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान नहीं करने की वजह से दाखिल की है.
बता दे कि सर्वोच्च न्यायालय ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्यूनिकेशन को सितंबर के अंत तक एरिक्सन के बकाए में से 550 करोड़ रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया था. इसके बाद रिलायंस की दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने पर रोक लगा दी गई थी. लेकिन रिलायंस ने डेडलाइन गुजर जाने के बाद भी यह भुगतान नहीं किया है. जिसके बाद एरिक्सन ने कोर्ट की अवमानना को मसला बनाकर फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.
स्वीडिश कंपनी से रिलायंस कम्यूनिकेशन ने यह डेडलाइन 60 दिन बढ़ाने की अपील की थी. लेकिन बताया जा रहा है कि एरिक्सन ने इससे मना कर दिया. ऐसा माना जा रहा है कि रिलायंस कम्यूनिकेशन द्वारा बकाया भुगतान नहीं कर पाने की वजह से कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया में डाला जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो रिलायंस कम्यूनिकेशन और जियो के बीच हुई स्पेक्ट्रम की बिक्री से संबंधित डील खतरे में पड़ सकती है, जिससे करीब 46,000 करोड़ रुपए के कर्ज में डूबी रिलायंस को बड़ा झटका लगेगा.
क्योंकि अगर दिवालिया प्रक्रिया शुरू हो गई तो रिलायंस कम्यूनिकेशन अपनी किसी भी संपत्ति को बेच नहीं पायेगी. इस मुद्दे पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLAT)आज 3 अक्टूबर को सुनवाई करेगा. इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय इस मुद्दे पर 4 अक्टूबर को सुनवाई करेगा.

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