लखनऊ. कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए यूपी सरकार ने एनकाउंटर कर अपराधियो में खौफ बनाने लगी है। सीएम योगी के निर्देश के बाद इस साल 1 अप्रैल से 14 सितम्बर 2017 तक कुल 420 मुठभेड़ हुई। जिसके बाद अपराधियों में दहशत फैल गया है। आईजी एलओ एचआर शर्मा ने बताया, अब तक 15 कुख्यात बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया है।
आगे पढ़िए कितने बदमाश हुए अरेस्ट और कितने हुए घायल…
– जानकारी के अनुसार, अब 1104 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा गोली लगने से 84 बदमाश घायल हुए हैं।
– इस संबंध में आईजी एलओ एचआर शर्मा ने बताया, 420 मुठभेड़ों में 88 पुलिस कर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जबकि एक दरोगा जय प्रकाश चित्रकूट में शहीद हो गए।
-उन्होंने बताया, इस अभियान में 868 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। 54 अपराधियों पर NSA लगाया गया है। इसी तरह 69 बदमाशों की अवैध सम्पत्तियां जब्त की गई है।
क्राइम कंट्रोल के लिए एनकाउंटर की छूट
-प्रदेश में बढ़ते अपराध ने आम जनमानस का जीना दुश्वार कर रखा था। कई सरकारें आई और गई, लेकिन एनकाउंटर की छूट नहीं दी गई। नतीजा यह हुआ कि अपराधियों का हौसला बढ़ने लगा।
– 10 साल बाद सूबे में भाजपा की योगी सरकार आ गई। सरकार ने काम का तरीका बदला तो कई निजाम भी बदल गए। इनकाउंटर की छूट मिलते ही पुलिस ने भी अपराधियों के खिलाफ अभियान चला दिया।
इनामी बदमाश भी मुठभेड़ में हुए ढेर
-6 महीने की सरकार के दौरान बीते दो महीनों में पुलिस ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कई कुख्यात अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया। एनकाउंटर होते ही प्रदेश भर में सक्रिय कई गैंग दुबक गए हैं।
-ताजा मामला राजधानी लखनऊ का है। जहां बीते सप्ताह भर के अंदर पुलिस ने दो एनकाउंटर किए। इसमें एक बदमाश को जिंदा पकड़ा गया, जबकि दूसरे को मार गिराया गया।
-डकैती और गैंगरेप के आरोपी और 50 हजार के इनामिया डकैत उदयराज को लखनऊ पुलिस ने करीब सप्ताह भर पहले सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में पकड़ा था। उदयराज पुलिस की गोली से घायल हो गया था जिसके बाद उसे जिंदा पकड़ कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
-इस एनकाउंटर में बदमाश ने पुलिस पर भी फायरिंग की थी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से पुलिस के दो दरोगा की जान बची थी।
-वहीं, शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे राजधानी पुलिस ने सुपारी किलर सुनील शर्मा को एनकाउंटर में गोमतीनगर विस्तार में मार गिराया। सुनील शर्मा पुलिस हिरासत से फरार हो गया था।
-बीते 24 अगस्त को चित्रकूट के भीहड़ों में पुलिस ने 7 लाख के इनामी बदमाश बबली कोल और उसके साथियों को घेर लिया था।
-एनकाउंटर में बबली कोल पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका करीबी लवलेश कोल की मौत हो गई थी।
-इस एनकाउंटर में एक इंस्पेक्टर जेपी सिंह भी शहीद हुए थे। हालांकि, तीन दिनों चली इस मुठभेड़ में बबली कोल को पकड़ा नहीं जा सका।
– गत 14 जुलाई को मुजफ्फरनगर में कार सवार 5 बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई।
-पुलिस ने भी घेराबंदी कर ली, पुलिस और बदमाशों की तरफ से करीब तीन घंटे तक गोलीबारी होती रही। इस एनकाउंटर में पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल हुए थे जिन्हें दबोच लिया गया था, जबकि तीन बदमाश भागने में कामयाब हो गए थे।
-29 जुलाई को शामली में पुलिस ने एनकाउंटर में 60 हजार के इनामी बदमाश डैनी और उसके साथी 12 हजार के इनामी बदमाश सरवन को मार गिराया था।
-बीते 16 अगस्त को भी मुजफ्फनगर में पुलिस ने एनकाउंटर में 50 हजार के इनामी बदमाश बुलंदशहर निवासी नितिन को दबोचा था।
-नितिन पुलिस की गोली से घायल हुआ था, जबकि उसका साथी सोनू भागने में कामयाब हो गया था।