क्यूबा: 40 अमेरिकी राजदूतों का दिमाग हुआ ‘खराब’, कारण आज भी रहस्य

क्यूबा में काम करने वाले 40 अमेरिकी राजदूतों और उनरे परिजनों के दिमाग में कुछ तो हुआ है। मगर, क्या यह किसी को भी नहीं पता है। सभी राजदूतों का दिमाग ‘खराब’ हो गया है। उन्हें बैलेंस बनाने में परेशानी हो रही है, वर्टिगो (चीजें घूमती हुई दिखना या चक्कर आना), आंखों की असमान्य गतिविधि, बेचैनी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
क्यूबा में रहस्यमयी परिस्थितियों में घायल हुए लगभग 40 अमेरिकी राजनयिकों का ब्रेन स्कैन किया गया था। शोधकर्ताओं ने जब उनकी तुलना कंट्रोल ग्रुप के लोगों के ब्रेन स्कैन के साथ की, तो इसमें अंतर साफ दिखाई दे रहा था। द जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में यह स्टडी प्रकाशित की गई है। साथ ही पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों के नेतृत्व में किए गए अध्ययन के बाद शोधकर्ता राजनायिकों के साथ हुई इस परेशानी के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं।
रेडियोलॉजी की प्रोफेसर और अध्ययन के सह-लेखिका रागिनी वर्मा ने बताया कि मरीजों के एमआरआई से इस बात की पुष्टि होती है कि इन लोगों के दिमाग में कुछ न कुछ जरूर हुआ है। यह महज कल्पना नहीं है। मैं सिर्फ यह कह सकती है के इस मामले में सच्चाई का पता लगाया जाना है। वर्मा ने कहा कि इन लोगों के साथ जो कुछ भी हुआ वह पहले से मौजूद स्थिति के कारण नहीं था, क्योंकि हम उसका परीक्षण करते हैं।
अमेरिकी राजनायिक साल 2016 के अंत से मई 2018 तक इन लक्षणों से गुजरे थे। मामले की जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका ने इनमें से अधिकांश लोगों को क्यूबा की राजधानी से वापस बुला लिया था। इनमें से कुछ लोग ठीक हो गए हैं और वापस काम पर लौट आए हैं। मगर, अन्य अभी भी इलाज करवा रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस रहस्यमय बीमारी का कारण नहीं बताया है।
कुछ अमेरिकी मीडिया ने बिना सबूत के किसी प्रकार के ध्वनिक हथियारों का उपयोग करते हमले करने की आशंका जाहिर की है। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने न तो इसकी पुष्टि की है और न ही इसे सिरे से खारिज किया है। इस तरह की परेशानी का सामना कम से कम 14 कनाडाई नागरिक भी कर रहे हैं। मगर, इस घटना में क्यूबा ने अपना किसी तरह का हाथ होने या किसी भी तरह की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है।





