26 लाख की नौकरी छोड़ IAS बने देवरी के प्रणव दुबे, हासिल की 307वीं रैंक

- in मध्यप्रदेश

मेहनत, लगन और जज्बा हो तो दुनिया का कोई भी काम मुश्किल नहीं है। इसे सच साबित कर दिखाया है सागर जिले के देवरी निवासी प्रणव दुबे ने। देवरी के इस प्रतिभाशाली युवा ने यूपीएससी परीक्षा-2017 में 307वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने के वर्षों से संजोए सपने हकीकत में बदल दिया है।

26 लाख की नौकरी छोड़ IAS बने देवरी के प्रणव दुबे, हासिल की 307वीं रैंक

26 वर्षीय प्रणव दुबे देवरी के सुभाष वार्ड निवासी ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी भान दुबे के पुत्र हैं। देवरी का गौरव बढ़ाने वाले प्रणव दुबे के चयन पर देवरी में खुशियां मनाई जा रही हैं। उनके घर शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा है। परिवार के सदस्यों के मोबाइल लगातार व्यस्त हैं। विश्व की अग्रणी कंपनियों में से एक टीसीएस में काम कर चुके सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रणव दुबे की प्रतिभा का लोग लोहा मान रहे हैं।

16 देश घूमे, 26 लाख सालाना का पैकेज छोड़ा

प्रणव दुबे की प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इंजीनियरिंग की डिग्री करने के बाद उन्हें सॉफ्टवेयर में दुनियाभर की जानीमानी कंपनी टीसीएस के साथ काम करने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने 4 साल में सिंगापुर और नीदरलैंड सहित 16 देशों का भ्रमण किया। इतना ही नहीं उन्हें 26 लाख रुपए सालाना का पैकेज भी देश सेवा की भावना से रोक नहीं पाया। विदेश में रहकर भी उनका सपना यही था कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में सफलता हासिल कर अपने ही देश की सेवा की जाए। उनकी मेहनत, लगन और जज्बे ने इस सपने को भी पूरा कर दिखाया।

MPPSC में भी चयनित हो चुके थे 

होनहार प्रणव दुबे आईएएस में चयन से पहले MPPSC में भी चयनित हो चुके थे। उनका चयन वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर हुआ था। प्रणव दुबे की इस सफलता पर उनके परिजनों सहित दोस्त एवं रिश्तेदार फूले नहीं समा रहे हैं। देर रात तक देवरी में उनके घर पर बाइयों का सिलसिला जारी रहा।

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