24 घंटे बिजली के लिए मोदी को मिला सपोर्ट, स्‍कीम से जुड़ेंगे 3 राज्‍य

power2_1442503402नई दिल्‍ली। मोदी सरकार की पावर फॉर ऑल स्‍कीम को अब राज्‍यों से सपोर्ट मिलना शुरू हो गया है। इस सप्‍ताह 3 राज्‍यों ने केंद्र सरकार के साथ अलग-अलग समझौते किए हैं। हालांकि इससे पहले दो राज्‍य भी समझौता कर चुके हैं, लेकिन उन्‍हें समझौता किए एक साल हो चुका है, उसके बाद से केंद्र के प्रयासों के बावजूद राज्‍य सरकारें इस स्‍कीम से नहीं जुड़ रही थी।
 
इन राज्‍यों ने बढ़ाया हाथ
 
ऊर्जा मंत्रालय ने पिछले साल अगस्‍त माह में पावर फॉर ऑल स्‍कीम लांच की थी। स्‍कीम का मकसद वर्ष 2019 तक हर घर को 24 घंटे बिजली उपलब्‍ध कराने के लिए हर राज्‍य का अलग अलग प्‍लान बनाना था और इसके लिए सभी राज्‍यों से अपील की गई थी कि वे केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से एमओयू साइन करें। सितंबर में आंध्रप्रदेश और राजस्‍थान ने ऊर्जा मंत्रालय के साथ एमओयू साइन किया, लेकिन उसके बाद यह सिलसिला थम गया। लगभग एक साल बाद उत्‍तराखंड, मेघालय व गोवा ने मंत्रालय के साथ एमओयू साइन किया है। मंत्रालय को उम्‍मीद है कि यह सिलसिला और बढ़ेगा।
 
उत्‍तराखंड में बना प्‍लान
 
उत्‍तराखंड में 1 लाख 4 हजार घरों में बिजली नहीं है। इसमें से 54 हजार घरों में दीन दयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के तहत कनेक्‍शन दिए जाएंगे, जबकि 2200 घरों को ऑफ ग्रिड सोल्‍यूशन से बिजली दी जाएगी, जबकि शेष 44 हजार घरों की 6 माह के भीतर पहचान कर वर्ष 2018 तक बिजली पहुंचाने की योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए उत्‍तराखंड सरकार ने ऊर्जा मंत्रालय के साथ समझौता किया है। मंत्रालय द्वारा उत्‍तराखंड में हाइड्रो पावर के साथ साथ सोलर पावर प्रोडक्‍शन बढ़ाने में सहयोग भी किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की अलग अलग योजनाओं के तहत राज्‍य को फंड भी उपलब्‍ध कराया जाएगा।
 
गोवा में नहीं लगेंगे कट
 
गोवा ऐसा राज्‍य है, जहां पहले से ही लोगों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है। हालांकि सप्‍लाई के दौराना हुए फॉल्‍ट के कारण बिजली कट लगते रहते हैं। इसी तरह गोवा में सभी गांवों तक बिजली पहुंच गई है, लेकिन कुछ घरों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। गोवा सरकार ने इन दोनों दिक्‍कतों को दूर करने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के पावर फॉर ऑल मिशन का हाथ थामा है। इस मिशन के तहत गोवा को 24 घंटे रेगुलर बिजली देने का प्‍लान तैयार किया जाएगा।

 

मेघालय बना पांचवा राज्‍य
 
मेघालय ऐसा पांचवा राज्‍य है, जिसने मोदी सरकार के महत्‍वाकांक्षी पावर फॉर ऑल मिशन पर समझौता किया है। राष्‍ट्रीय औसत के मुकाबले मेघालय में बिजली की मांग काफी कम है, बावजूद इसके अभी तक राज्‍य में 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। मेघालय को उम्‍मीद है कि ऊर्जा मंत्रालय से समझौता करने के बाद उनके राज्‍य में बिजली की कमी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।

 

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