2019 के इन निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, टैक्स सेविंग म्युचुअल फंडों ने दिया बंपर रिटर्न

यह साल ELSS के निवेशकों को मालामाल कर गया है। टैक्स सेविंग के साथ-साथ बेहतर रिटर्न देने वाले इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) निवेश का एक ऐसा विकल्प है जिसकी लॉक-इन अवधि भी सबसे कम है। टैक्स सेविंग के विभिन्न विकल्पों की बात करें तो PPF की लॉक-इन अवधि 15 साल, यूलिप की पांच साल और टैक्स सेविंग्स फिक्स्ड डिपॉजिट की 5 साल है, जबकि ELSS की लॉक-इन अवधि सबसे कम तीन साल है।

म्युचुअल फंडों को ट्रैक करने वाली कंपनी वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार कहते हैं कि टैक्स सेविंग के फायदे के साथ बेहतर रिटर्न देने के मामले में ELSS सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। आप चाहे किसी भी टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट का रिटर्न देख लें, सबसे अच्छा रिटर्न आपको ELSS का ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि 5 साल की अवधि में किसी भी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम का रिटर्न धारा 80सी के तहत आने वाले निवेश के विकल्पों की तुलना में बेहतर रहा है। इसकी वजह है कि ELSS इक्विटी में निवेश करते हैं और इनका प्रबंधन भी प्रोफेशनल फंड मैनजर्स करते हैं।
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तीन साल में ELSS ने दिया 19 फीसद से ज्यादा रिटर्न
अगर हम टॉप 5 इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम की बात करें तो सबसे बेहतर प्रदर्शन मिराए एसेट टैक्स सेवर फंड का रहा है जिसने 3 साल में 19.36 फीसद का रिटर्न दिया है। दूसरे स्थान पर एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड रहा है। इसने तीन साल में 17.45 फीसद का रिटर्न दिया है।
कैसे करें इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम का चयन
धीरेंद्र कुमार कहते हैं कि ELSS के चयन से पहले उनके पिछले प्रदर्शन पर जरूर गौर करना चाहिए। कम से कम उनके 5 और 7 साल का रिटर्न देखा जाना चाहिए। म्युचुअल फंड न सिर्फ आपके इनकम टैक्स बचाने में मददगार होते हैं बल्कि ये धन जमा करने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।





