MP: बाजार से बाहर हुए 3 लाख 20 हजार करोड़ के 2000 के नोट

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भोपाल। राजधानी सहित प्रदेशभर में करीब 3 लाख 20 हजार करोड़ स्र्पए के 2000 के नोट लोगों ने दबा लिए है। यह वह राशि है जो लोगों अपने घरों में छिपाकर रखा ली है क्योंकि यह राशि दोबारा बैंकों में वापस नहीं आई है। यह खुलासा बुधवार को नवदुनिया की पड़ताल के दौरान हुआ। नवदुनिया ने जब आरबीआई, एसबीआई, सेट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य बैंकों में जाकर पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। किसी ने बताया कि आरबीआई से 2000 के नोट नहीं मिल रहे है।MP: बाजार से बाहर हुए 3 लाख 20 हजार करोड़ के 2000 के नोट

इसकी जगह 200 के नोट की ज्यादा सप्लाई की जा रही है, तो किसी ने कहा कि पहले की अपेक्षा एटीएम में कैश कम डाला जा रहा है। मप्र में नोटबंदी से पहले 15 लाख करोड़ स्र्पए के नोट मार्केट में थे अब साढ़े 16 लाख करोड़ स्र्पए के नोट मार्केट में है। इसके बावजूद मार्केट में कैश की कमी है इसका सबसे बड़ा कारण है नोटों का रोटेशन ना होना।

दरअसल, नोटबंदी होने के बाद एकदम से लोगों ने अपने घरों में चायपत्ती के डिब्बे और अनाज के डिब्बों तक से नोट निकालकर बैंकों में जमा करना शुरू कर दिया। इससे बैंको में तो पैसा जमा हो गया लेकिन लोगों के घरों में कैश की कमी हो गई। इस कमी को लोगों ने 2000 और 500 के नोट से पूरा करने की कोशिश की। लिहाजा रिजल्ट आपके सामने है कि नोटबंदी के एक साल बाद करीब 3 लाख 20 हजार करोड़ स्र्पए से अधिक के नोट दोबारा मार्केट में नहीं आए।

एटीएम में पहले की अपेक्षा कम डाला जा रहा है पैसा

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के फील्ड महाप्रबंधक और स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के संयोजक अजय व्यास ने बताया 2000 के नोट मार्केट में दोबारा नहीं लौटने के कारण एटीएम में पहले की अपेक्षा कम स्र्पए डाले जा रहे है। किसी भी तरह के एटीएम में 2500 नोट ही डाले जा सकते है।

इस स्थिति में कुछ एटीएम में दो ट्रे होती है और कुछ में तीन तो कुछ में 4 ट्रे होती है। जिनमें नोट डाले जाते है। अगर 2000 के नोट डाले जाते तो ज्यादा लोगों को कैश मिलता लेकिन 100, 200 और 500 के नोट डाले जा रहे है जिससे पहले की अपेक्षा कम कैश एटीएम में डाला जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 48 घंटों में स्थिति में काबू पा लिया जाएगा।

आरबीआई से नोट कम मिल रहे: मलैया

वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि आरबीआई से नोट कम मिल रहे हैं। दो हजार के नोट आउट ऑफ सर्कुलेशन हुए हैं। नए नोट छपना भी बंद हो गए हैं। इस मामले में प्रदेश सरकार ने केंद्र को बता दिया है। मलैया ने अपील की है कि जनता कैश ट्रांजेक्शन कम करे। मलैया ने कहा कि मप्र के पास 15 लाख करोड़ रुपए कैश है, जिसमें से 7 लाख करोड़ रुपए दो हजार के नोट के रूप में है। इस कारण में एटीएम में कैश की दिक्कत आ रही है।

अक्षय तृतीया पर भी हो सकती है दिक्कत

कैश की दिक्कतों से अक्षय तृतीया पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अक्षय तृतीया पर बड़ी संख्या में प्रदेश में शादियां होंगी, ऐसे में कैश नहीं होने पर दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

ऐसे समझें गणित

मप्र में नोटबंदी के पहले कुल नोटों की कीमत – 15 लाख करोड़

नोट बंदी के बाद वर्तमान में नोटों की कीमत – साढ़े 16 लाख करोड़

मप्र में एक दिन में एटीएम में पहले डलने वाले नोटों की कीमत- 400 करोड़

अब एटीएम में डलने वाले नोटों की कीमत – 200 करोड़

वर्तमान में 2000 के नोटों की कीमत – 3 लाख 20 हजार से अधिक

मप्र में कुल एटीएम : 10,000 लगभग

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