13 साल हो गए, इरफान पठान जैसा कमाल कोई नहीं कर पाया

इरफान पठान और उनके फैंस कभी भी 29 जनवरी का दिन भूल नहीं सकते। इस दिन उन्होंने वो खास काम किया, जो भारत का कोई अन्य तेज गेंदबाज आज तक नहीं कर सका है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ यह कमाल किया था। कराची में पठान ने टेस्ट के पहले ओवर में हैट्रिक लेने का कारनामा किया था। 13 साल हो गए, इरफान पठान जैसा कमाल कोई नहीं कर पायापठान अकेले भारतीय तेज गेंदबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक ली। वैसे, ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के बाद वह टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले दूसरे गेंदबाज थे। पठान ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की, लेकिन टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला अच्छा नहीं रहा। सौरव गांगुली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया को इस टेस्ट में 341 रन की शिकस्त सहनी पड़ी। 

पठान ने कैसे किया कमाल

29 जनवरी 2006 से कराची टेस्ट शुरू हुआ। यह सीरीज का तीसरा व निर्णायक टेस्ट था। टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली ने टॉस जीता और पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय कप्तान ने नई गेंद की जिम्मेदारी युवा इरफान पठान को सौंपी। पठान ने पहले ही ओवर में कमाल करके अपने कप्तान व फैंस का दिल जीत लिया।

इरफान पठान ने सलमान बट्ट को पहली तीन गेंदों पर परेशान किया और चौथी गेंद पर उनका शिकार कर लिया। पठान ने लेंथ डिलेवरी डाली, जो अधिक आउट स्विंग हुई। यह गेंद बट्ट के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर पहली स्लिप में मुस्तैद राहुल द्रविड़ के हाथों में जाकर समाई।

अब अनुभवी बल्लेबाज युनूस खान आए। पठान की रणनीति तैयार थी। उन्होंने इस बार फिर लेंथ पर दाएं हाथ के बल्लेबाज को इनस्विंग गेंद डाली। नए बल्लेबाज के लिए इस गेंद को समझना मुश्किल था और युनूस के साथ वैसा ही हुआ। गेंद स्विंग होकर उनके पैड पर टकराई और अंपायर को उंगली उठाने में हिचकिचाहट नहीं हुई। इस तरह पठान ने दूसरा शिकार किया।

अब वह पल था, जिसका सभी को इंतजार था। पठान का सामना अब एक और दिग्गज मोहम्मद युसूफ से था। पठान ने एक बार फिर इनस्विंग गेंद डाली और युसूफ को क्लीन बोल्ड किया। इसी के साथ इरफान पठान ने इतिहास रच दिया और अपना नाम इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों पर लिखा। पठान द्वारा दिए शुरुआती झटकों से हालांकि पाकिस्तान ने दमदार वापसी की और भारतीय टीम को 341 रन के विशाल अंतर से मात दी।

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