केरल में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से 114 लोगों की हुई मौत

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नई दिल्ली: केरल में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से गुरूवार को 30 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, कई घरों में पानी भर गया और सड़कों को नुकसान पहुंचा वहीं कई स्थानों पर हवाई और रेल यातायात बाधित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि आठ अगस्त से भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कुल 114 लोगों की मौत हो चुकी है। मानसूनी बरसात से पिछले दो दिनों में ही 55 लोगों की जान गई है। भारतीय नौसेना ने त्रिचुर, अलूवा और मवूत्तुपुझा में फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाला है। वीडियो में दिखाया गया है कि लोग जलमग्न घरों की छतों और पहाड़ों पर हैं तथा नौसेना हेलीकॉप्टरों के जरिए निकाल रही है।

केरल में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से 114 लोगों की हुई मौत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर रक्षा मंत्रालय ने राज्य में राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की तीन इकाइयों की नई टीमें भेजी हैं। राज्य में 1.5 लाख से ज्यादा बेघर और विस्थापित लोग राहत शिविरों में हैं। सूत्रों ने बताया कि राज्य के 14 जिलों में से एक को छोड़ कर सभी हाई अलर्ट पर हैं। मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन से गरूवार सुबह फिर बात की और स्थिति से निपटने में केंद्र की मदद का उन्हें आश्वासन दिया। मोदी ने ट्वीट किया,‘‘हम ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय से कहा है कि राज्य में बचाव एवं राहत अभियानों को और बढ़ाए। केरल के लोगों की सुरक्षा और सलामती की प्रार्थना करता हूं।’’ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के करीब 540 कर्मियों की 12 सीटों को भी केरल भेजा गया है।

 केरल में कासरगोड को छोड़कर सभी 13 जिलों में रेड अलर्ट जारी। अबतक 114 लोगों की हो चुकी है मौत।

एनडीआरएफ की 5 यूनिट राहत एवं बचाव कार्य के लिए आज सुबह तिरुवनंतपुरम पहुंच चुकी है। आज एनडीआरएफ की 35 टीमों के और पहुंचने की उम्मीद।

राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने केरल में करीब एक सदी में आई सबसे भीषण बाढ़ की वजह से तेजी से बिगड़ती स्थिति की समीक्षा के लिए नयी दिल्ली में बैठक की। कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में थल सेना, नौसेना और वायु सेना प्रमुखों के अलावा, गृह, रक्षा सचिवों समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों ने शिरकत की। स्थिति की गंभीरता पर संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालयने मुल्लापेरियार बांध की आपदा प्रबंधन समिति को आदेश दिया है कि बांध में जलस्तर को तीन फुट घटा कर 139 फुट पर लाने का तत्काल फैसला करे।

आपातकालीन फोन नंबर

कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने गुरूवार सभी सेवाओं की निलंबन की अवधि 26 अगस्त दोपहर दो बजे तक के लिए बढ़ा दी है। हवाई अड्डे के अधिकतर हिस्से में पानी भर गया है। कोच्चि मेट्रो की सेवाएं भी कुछ वक्त के लिए बाधित हुई क्योंकि मुत्तम यार्ड में जलस्तर बढ़ गया था। बाढ़ की वजह से रेल सेवा भी प्रभावित हुई है। दक्षिणी रेलवे ने एक बयान में बताया है कि 25 ट्रेनों को या तो रद्द किया गया है या उनके वक्त में बदलाव किया गया है। कुछ नगरों और गांवों में पानी का स्तर दो मंजिला मकानों की ऊंचाई तक पहुंच गया जिसके बाद बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी और सोशल मीडिया में बचाव और राहत के लिए अपील करनी पड़ी।

विजयन ने तिरूवनंतपुरम में कहा कि राज्य ने इस तरह की स्थिति का कभी सामना नहीं किया। हम वो सभी कुछ कर रहे हैं जो मानवीय तौर पर संभव है और बचाव प्रयास जारी हैं। उन्होंने लोगों से दहशत में नहीं आने कहा। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य की कैबिनेट ने अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए भारत निर्मित विदेशी शराब पर 30 नवंबर तक उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है।

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