फिल्म की शूटिंग के दौरान ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के जीशान कादरी पहुंचे कानपुर

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और ‘मेरठिया गैंगस्टर’ जैसी फिल्मों से युवाओं में लोकप्रिय हुए राइटर और एक्टर जीशान कादरी (डेफिनिट) ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में फिल्म इंडस्ट्री में स्ट्रगल कर रहे युवाओं को बड़ा संदेश दिया है। जीशान ने कहा कि अपने काम पर फोकस रखो और आगे बढ़ते रहो। किसी भी गॉडफादर को ढूंढने से अच्छा है कि कड़ी मेहनत करके खुद गॉडफादर बन जाओ और नये लोगों को मौका दो। जीशान ने कहा कि कानपुर और धनबाद शहर में कोई ज्यादा फर्क नहीं है। कानपुर आये जीशान ने कहा कि यहां के लोग काफी कॉपरेटिव नेचर के हैं और हमेशा मस्ती में ही देखे जाते हैं। यहां के लोकेशन्स भी बेहद खूबसूरत हैं।

फिल्म की शूटिंग के दौरान ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के जीशान कादरी पहुंचे कानपुर

उन्होंने बताया कि फिल्म होटल मिलन में कुनाल रॉय कपूर के अपोजिट करिश्मा शर्मा और मेरे अपोजिट मालवी हैं। करिश्मा रागिनी एमएमएस वेब सीरीज कर रही हैं। मालवी ने इससे पहले कई टीवी शो भी किए हैं। कानपुर शहर के  बदमाशों के बारे में जानकर मैं भी हैरान रह गया। सोचा था कि केवल धनबाद में ही बड़े क्रिमिनल्स हैं। अब लगता है ऑलओवर वर्ल्ड में एक से एक बड़े क्रिमिनल हैं जिनकी कहानी क्लिक कर जाती है वही बड़े पर्दे पर देखी जाती है। अभी मेरा सारा ध्यान बस इसी फिल्म की शूटिंग को अच्छी तरह से पूरा करने में है। इसके अलावा मैं अभी भी कुछ रियल स्टोरीज पर काम कर रहा हूं। 

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आठ पन्ने की वासेपुर स्टोरी बन गई 2 पार्ट की फिल्म
झारखंड के धनबाद शहर में 18 मार्च 1983 को जन्मे जीशान कादरी फिल्म ‘गैंग ऑफ वासेपुर’ की कहानी लिखकर फेमस हो गए थे। फिल्म में उन्होंने डेफिनेट का रोल भी निभाया था।  फिल्म की कहानी लिखने से पहले वो एक कॉल सेंटर में जॉब करते थे। लेकिन वहां उनका मन नहीं लगता था। आखिर में उन्होंने जॉब छोड़ी और इस फिल्म की कहानी लिखी। जीशान ने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई धनबाद के वासेपुर से ही हुई। इसके बाद  मेरठ के दीनदयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कॉलेज से उन्होेंने बीबीए किया।
 

ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली जाकर एक कॉल सेंटर में जॉब शुरू कर दी लेकिन मन नहीं लगता था। उनके मन में कुछ चलता था, इसी दौरान उन्होंने वासेपुर की ही कहानी लिखी जो सिर्फ 8 पेज की थी। इसके बाद जीशान ने जॉब छोड़ी और मुंबई का सफर तय किया। मुंबई में कई सारे फिल्म निर्माता-निर्देशकों  से मिले लेकिन कुछ काम नहीं बना। अनुराग कश्यप ने जब स्टोरी देखी तो ये उन्हें काफी पसंद आई। अनुराग ने जीशान को ये भरोसा दिया कि इस पर और काम करके पूरी फिल्म बनाई जा सकती है। इसके बाद जीशान की 8 पेज की स्टोरी पर ही फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ बनी। फिल्म इतनी लंबी थी कि इसे पार्ट में रिलीज करना पड़ा।
 
डायरेक्टर अनुराग और राइटर जीशान की इस फिल्म ने बॉलीवुड में एक नया और अनोखा इतिहास रच दिया। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ को भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी काफी तारीफ मिली। उनकी इस फिल्म को कई अवॉर्ड मिले।

 
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