हैवानियत का दूसरा नाम है ‘ठलाईकूठल’, जानकर उड़ जायेंगे आपके होश

दुनिया के तमाम देशों मे अलग अलग तरह की परंपराए निभाई जाती है। जहां पर कई सारे रिवाज तो ऐसे होते है जो समाज को कलंकित करते दिखाई देते है। लेकिन फिर भी लोगों की रूढीवादिता सौच की वजह से आज भी इस तरह के कई सारे काम किए जाते हैं। आज आपको एक ऐसी ही परंपरा के बारे बता रहे है. जिसके बारे मे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।हैवानियत का दूसरा नाम है ‘ठलाईकूठल’, जानकर उड़ जायेंगे आपके होश

बता दें कि यह खतरनाक परंपरा किसी अन्य देश मे नही बल्कि हमारे देश में ही निभाई जाती है। जिसे ठलाइकूठल के नाम से जाना जाता है। आज भी हमारे देश मे कई सारे ऐसे लोग है जो इस प्रथा से अनभिज्ञ हैं। बता दें कि इस प्रथा के नाम पर लोगों को चोर छिपे मौत के मुंह मे धकेल दिया जाता है।

चौंकाने वाली बात तो यह है कि लोग इस प्रथा की आड़ मे अपने बुजुर्ग परिजनों को मार देते हैं। दोस्तों यह एक ऐसा प्रथा है जिसके बारे मे सुनकर ही इंसान की रूह कांप जाती है। हालांकि इस पर सरकार ने पूरी तरह से रोक लगा रखी है. लेकिन फिर भी कई सारे दूर दराज के गांवो में इस प्रथा को अंजाम दे दिया जाता है।

बता दें कि इस प्रथा के दौरान जब किसी इंसान की हत्या की जाती है तो गांव के सभी लोग उस समय वहां पर मौजूद रहते हैं। लेकिन सब लोग मूकदर्शक बनकर देखते रहते हैं। मीडिया खबरों के अनुसार जब कहा जाता है कि जब परिजन बुजुर्ग हो जाते है।

और परिवार पर बोझ बन जाते है तो खुद परिजन ही अपने मरने की इच्छा अपने बच्चों को बता देते हैं। बता दे की प्रशासन की पूर्ण सख्ती की वजह से इस प्रथा को गांव के सभी लोग मिलकर अंजाम देते है। जिससे प्रशासन को इसकी भनक भी नही लगती है।

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