हाईवे के 500 मीटर के दायरे में ठेके होंगे या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा फैसला

कई वकीलों का यह कहना था कि कई राज्यों में तो यह स्थिति है कि राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे या तो पहाड़ है या खाई। कई वकीलों का यह कहना था कि इस तरह की पाबंदी से राज्यों केराजस्व को भारी नुकसान होगा। उनका यह भी कहना था कि ऐसा नहीं है कि जिन राज्यों में शराब पर पाबंदी हैं, वहां भी राजमार्गों में दुघर्टनाएं होती हैं। अधिकतर वकीलों का कहना था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे लगभग हर शहर की सड़कें आ जाती हैं। हर शहर इसकेदायरे में आता है। एक वकील ने तो यह भी कहा कि कई राज्यों में शराब पीना तो रिवाज है।
मालूम हो कि गत 15 दिसंबर के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर केदायरे में एक अप्रैल, 2017 से शराब की दुकानें नहीं होंगी। साथ ही अदालत ने इस दायरे में शराब की दुकानों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी। 31 मार्च, 2017 केबाद राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे तक किसी भी शराब के ठेके का लाइसेंस नवीनीकरण पर पाबंदी लगा दी थी। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब के दुकानों की मौजूदगी केसंकेतक या बोर्ड लगाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय केवर्ष 2015 के आंकड़े के मुताबिक, देश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है जबकि इससे तिगुनी संख्या में लोग घायल होते हैं। अधिकतर दुर्घटनाओं की वजह शराब पीकर वाहन चलाना है।





