हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, कहा कैदियों को पैरोल पर छोड़ने के लिए बनाएं गाइडलाइन

हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में सजायाफ्ता कैदी के संविधान प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन करने पर तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार हरवंश चुघ को कैदी को एक लाख रुपये का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे कैदियों को पैरोल पर छोड़ने के लिए गाइडलाइन तैयार करें और कैदियों को आपात स्थिति में पैरोल देना सुनिश्चित करें। हाईकोर्ट ने जिले के सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि यदि कोई कैदी जेल अधीक्षक या अन्य माध्यम से पैरोल के लिए आवेदन करता है तो उस पर तत्काल निर्णय लिया जाए।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ ने हरिद्वार के एक कैदी की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता के अनुसार वह हत्या के मामले में 2008 से हरिद्वार जेल में उम्रकैद सजा काट रहा है।
लेकिन, 26 सितंबर 2016 को उसके पिता की मौत हो गई थी। पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसने जिलाधिकारी हरिद्वार के समक्ष पैरोल के लिए आवेदन किया था।





