हरियाणा में पुलिस बचाएगी महिलाओं की चोटी कटने से, खोलेगी अफवाहों की पोल

पानीपत। हरियाणा में महिलाओं की चोटी काटने के लगातार बढ़ते कथित मामलों से निपटने के लिए सरकार पुलिस तंत्र का सहारा लेगी। सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को फील्ड में सक्रियता बढ़ाते हुए पर्सनल कांटेक्ट करने का निर्देश दिया गया है। थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ ही ठीकरी पहरे लगवाना सुनिश्चित करेंगे। अब तक आ चुके 55 केस सामने…

– अभी तक प्रदेश में महिलाओं की चोटी काटे जाने के 55 कथित मामले सामने आ चुके। करीब दो सप्ताह पूर्व राजस्थान की सीमा से लगते महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और फतेहाबाद से शुरू हुईं ये वारदातें अब दूसरे जिलों में भी बढ़ने लगी हैं।
– सोशल मीडिया के जरिये तेजी से फैल रही अफवाहों से प्रदेश में डर का माहौल है। कई स्थानों पर तो महिलाएं अपने बाल बचाने के लिए चोटी में भगवान का फोटो लगा रही हैं।
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– अधिकतर महिलाओं के मुताबिक किसी ने उन्हें बेहोश कर रहस्यमय तरीके से उनके बाल काट लिए। खास बात ये कि आसपास मौजूद लोगों को भी कोई नजर नहीं आता।
– किसी महिला ने बिल्ली द्वारा बाल काटे जाने की बात कही। वहीं, पुलिस जांच में वारदात स्थल पर कोई सुराग नहीं मिले और पीड़ितों के मेडिकल टेस्ट में भी कोई असामान्य लक्षण नहीं दिखे। अलग-अलग जिलों की पुलिस आपस में इन घटनाओं को शेयर करते हुए गुत्थी सुलझाने की कोशिश में लगी है।
तर्कशील सोसायटी देगी एक करोड़ का इनाम
– तर्कशील सोसायटी ने घोषणा की है कि अगर कोई व्यक्ति भूत-प्रेत या दैवीय शक्ति का हाथ साबित कर दे तो उसे एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा।
– सोसायटी के मुताबिक तांत्रिक या ओझा इन हमलों के पीछे हैं क्योंकि इस तरह के मामलों में लोग उनके पास इलाज के लिए पहुंचते हैं। मास हिस्टिरिया या जन भ्रम का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं।
– बाल काटे जाने का दावा करने वाली महिलाएं आंतरिक मनोवैज्ञानिक द्वंद्व से जूझ रही होंगी। वे ऐसी घटनाओं के बारे में सुनती हैं तो खुद पर ऐसा होते हुए सा अहसास करती हैं। अवचेतनावस्था में भी होता है।
– तर्कशील सोसायटी ने घोषणा की है कि अगर कोई व्यक्ति भूत-प्रेत या दैवीय शक्ति का हाथ साबित कर दे तो उसे एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा।
– सोसायटी के मुताबिक तांत्रिक या ओझा इन हमलों के पीछे हैं क्योंकि इस तरह के मामलों में लोग उनके पास इलाज के लिए पहुंचते हैं। मास हिस्टिरिया या जन भ्रम का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं।
– बाल काटे जाने का दावा करने वाली महिलाएं आंतरिक मनोवैज्ञानिक द्वंद्व से जूझ रही होंगी। वे ऐसी घटनाओं के बारे में सुनती हैं तो खुद पर ऐसा होते हुए सा अहसास करती हैं। अवचेतनावस्था में भी होता है।
पहले भी फैलती रही हैं अफवाहें
– 21 सितंबर 1995 की सुबह भगवान गणेश की मूर्ति के चम्मच से दूध पीने की खबर पूरे देश में फैली और जिसे देखो वही गणेश जी की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए निकल पड़ा। बाद में वैज्ञानिक आधार पर आई रिपोर्टों से इन अफवाहों की हवा निकल गई।
– वर्ष 2001 में मंकी मैन की अफवाह फैली। दिल्ली के साथ लगते इलाकों में सैकड़ों लोगों पर मंकी मैन ने कथित रूप से हमला किया। कुछ समय बाद पुलिस जांच में यह जन भ्रामक का मामला साबित हुआ।
– वर्ष 2006 में समुद्र का पानी मीठा होने की अफवाह उड़ी। हजारों लोग मुंबई के एक समुद्र तट पर पहुंचने लगे कि आश्चर्यजनक रूप से समुद्र का पानी मीठा कैसे हुआ।
– 21 सितंबर 1995 की सुबह भगवान गणेश की मूर्ति के चम्मच से दूध पीने की खबर पूरे देश में फैली और जिसे देखो वही गणेश जी की प्रतिमा को दूध पिलाने के लिए निकल पड़ा। बाद में वैज्ञानिक आधार पर आई रिपोर्टों से इन अफवाहों की हवा निकल गई।
– वर्ष 2001 में मंकी मैन की अफवाह फैली। दिल्ली के साथ लगते इलाकों में सैकड़ों लोगों पर मंकी मैन ने कथित रूप से हमला किया। कुछ समय बाद पुलिस जांच में यह जन भ्रामक का मामला साबित हुआ।
– वर्ष 2006 में समुद्र का पानी मीठा होने की अफवाह उड़ी। हजारों लोग मुंबई के एक समुद्र तट पर पहुंचने लगे कि आश्चर्यजनक रूप से समुद्र का पानी मीठा कैसे हुआ।
अशांति फैलाने की साजिश : आफताब अहमद
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आफताब अहमद का कहना है कि इस तरह की घटनाएं देश के माहौल को खराब करने और अशांति फैलाने की साजिश हैं। विज्ञान के दौर में अफवाहों का कोई आधार नहीं है। बेहतर संसाधन के इस्तेमाल से सही जांच की जा सकती है। हैरानी की बात है कि बेटी बचाने-बेटी पढ़ाने का दावा करने वाली सरकार इस संबंध में हाथ पर हाथ रखे बैठी है।
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आफताब अहमद का कहना है कि इस तरह की घटनाएं देश के माहौल को खराब करने और अशांति फैलाने की साजिश हैं। विज्ञान के दौर में अफवाहों का कोई आधार नहीं है। बेहतर संसाधन के इस्तेमाल से सही जांच की जा सकती है। हैरानी की बात है कि बेटी बचाने-बेटी पढ़ाने का दावा करने वाली सरकार इस संबंध में हाथ पर हाथ रखे बैठी है।
असामाजिक तत्वों का हाथ : डीजीपी
– पुलिस महानिदेशक बीएस संधू का कहना है कि अफवाहों के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ है। आमजन को इनसे बचना चाहिए। थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज रात्रि गश्त बढ़ाकर गली-मोहल्लों में ठीकरी पहरे लगवाएंगे। महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं। अभी तक चोटी काटने के जो मामले आए हैं, पुलिस उनकी गहराई से छानबीन कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
– पुलिस महानिदेशक बीएस संधू का कहना है कि अफवाहों के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ है। आमजन को इनसे बचना चाहिए। थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज रात्रि गश्त बढ़ाकर गली-मोहल्लों में ठीकरी पहरे लगवाएंगे। महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं। अभी तक चोटी काटने के जो मामले आए हैं, पुलिस उनकी गहराई से छानबीन कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।





