स्वाइन फ्लू के मरीजों को नहीं मिल पा रही दवा

मरीज में बीमारी की पुष्टि होने के बाद भी नहीं मिल पा रहा इलाज

लखनऊ। स्वाइन फ्लू के मरीजों को सही समय पर दवा पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग फेल साबित हो रहा है। विभाग ने स्वाइन फ्लू के मरीजों के घर तक दवा पहुंचाने के लिए एक रैपिड रिस्पांस टीम भले ही गठित की हो लेकिन वह टीम मरीजों को घर तक दवा नहीं पहुंचा पा रही है। इसलिए इलाज के अभाव में मरीजों की हालत गंभीर होती जा रही है। 
सीएमओ ऑफिस में मंगलवार को एक तीन वर्षीय बच्चे के लिए टेमी फ्लू दवा लेने के लिए परिजन भटक रहे थे। बच्चे की हालत काफी गंभीर थी, जबकि पांच दिन पहले ही मरीज की जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हो गई थी। तब भी न तो सीएमओ ऑफिस से कोई टीम मरीज के घर पहुंची और न ही उसको दवा मिल पाई। आखिरकार पीडि़त परिवार जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और अपनी फरियाद सुनाई तब जाकर दवा मिल सकी। दरअसल स्वास्थ्य विभाग के सारे दावे फेल साबित हो रहे हैं। यहां जमीनी हकीकत कुछ और ही है। राजधानी में जिस गति से स्वाइन फ्लू पैर पसार रहा है उस हिसाब से दवाओं का इंतजाम करने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हो रहा है। अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 1488 मामले आ चुके हैं, इसमें 17 लोगों की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम मरीजों के घर पहुंचकर दवा उपलब्ध करवा रही है। यदि किसी मरीज को इलाज व दवा मिलने में विलंब होता है तो उसकी वजह जांच रिपोर्ट है। कई बार पीजीआई व केजीएमयू से रिपोर्ट आने में देरी हो जाती है, इसलिए हम तुरंत मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। 
डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ

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