सेना को जवान और जेसीओ रैंक में है महिलाओं की जरूरत…

थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा कि भारतीय सेना को महिला जवानों की जरूरत है। अफसर रैंक की महिला अधिकारी सेना में हैं, लेकिन जवान और जेसीओ रैंक में भी अब महिलाओं की जरूरत महसूस की जा रही है। जल्द भारतीय सेना में जवान और जेसीओ रैंक में महिलाओं को मौका दिया जाएगा।

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत मीडिया से भी रूबरू हुए। उन्होंने सबसे पहले आईएमए से पास आउट सभी 423 भारतीय जैंटेलमेंट कैडेट को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह सभी जूनियर ऑफिसर बधाई के पात्र हैं। साथ ही उनके प्रशिक्षक और मातापिता को बहुतबहुत बधाई देते हैं कि जिन्होंने कैडेड को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को हर वक्त प्रशिक्षित रहना जरूरी है। हमें अपनी ट्रेनिंग कायम रखनी है। अगर हम सही तरीके से ट्रेनिंग करेंगे तभी सक्षम होंगे।
कहा कि हमारी फौज में इस वक्त महिला अफसर तैनात हैं। पहले से हमारे यहां महिला कर्मचारी रही हैं। हमारे यहां नेवी और नर्सिंग सर्विस में महिलाएं हैं। इस वक्त इंजीनियर्स, सिग्नल यहां तक कि आर्म्ड फाेर्स में भी लेडी ऑफिसर सेवाएं दे रही हैं। लेकिन हमारी जो इस वक्त जवान और सरदार साहेबान (जेसीओ) रैंक में भी महिलाओं की जरूरत है।
कश्मीर का जिक्र किए बगैर उन्होंने कहा कि कई बार ऑपरेशन में सेना को आवाम (जनता) का सामना करना पड़ता है। इस दौरान कई बार महिलाएं हमारे आगे आ जाती हैं। उनके साथ कार्रवाई करने में पुरुष सैन्य कर्मचारी कभीकभी झिझक हो जाती हैं। उस कार्रवाई में सक्षम होने के लिए हमारे लिए जरूरी है कि हमारे पास लेडिज जवान और जेसीओ हों। साथ ही साथ कई बार कार्यक्रमों में हमें महिला पुलिस की जरूरत पड़ती है। अगर हमारे पास महिला सैन्य जवान होंगे तो हमें पुलिस की मदद नहीं लेनी पडे़गी।
हम नहीं चालते आवाम को तकलीफ हो और घरों में घुसकर सर्च ऑपरेशन करें
सेना में तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि आज कल का जो आतंकवाद है, वह नईनई कार्रवाई ढूंढता है। हमें भी उसी तरह से सोच विचार करना है। कार्रवाई किस तरह से हो और उसे विफल करने के लिए हमें क्या करना है। इसके लिए हमें प्रशिक्षण और तकनीक जवानों को देनी होगी। क्योंकि तकनीक के जरिए ही हम पता कर सकते हैं कि आतंकी किसी तरह की हरकत कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि आवाम को तकलीफ पहुंचाएं और लोगों के घर में घुसकर सर्च ऑपरेशन करें। हम ये चाहते हैं कि हमारे पास मॉडर्न तकनीक हो, इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए ताकि आवाम को तकलीफ न पहुंचे। साथ ही साथ हम भी अपनी कार्रवाई में सक्षम हो सकेंगे।
सोशल मीडिया के जरिये कश्मीर के नौजवानों को भड़काया जा रहा है
कश्मीर में सैनिकों पर हमले और अलगाववाद के सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि कश्मीर में भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। सोशल मीडिया के जरिये वहां के नौजवानों को भड़काया जा रहा है। उन्हें बहलायाफुसलाया जा रहा है। इससे वह गलत रास्ते पर चले गए हैं। हमारी कोशिश यही रहेगी कि जो नौजवान जो गलत रास्ते पर चले गए हैं, वे हथियार डालकर हमारे साथ मिलजुलकर काम करें। जो फौज और अन्य सिक्योरिटी फोर्स जम्मू कश्मीर में तैनात की गई हैं वह चाहती है कि वहां अमलशांति बहाली हो। हम लोग वहां मारकाट करने के लिए तैनात नहीं हुए हैं। जब भी फौज को बुलाया जाता है तो फौज को अमन और शांति बहाल करने के लिए बुलाया जाता है। उसी मकसद से हम काम करते हैं।
हमने जवाबी कार्रवाई बराबर की और काफी हद तक सफलता मिली
पाकिस्तान सीमा पर तनाव के सवाल पर कहा कि हाल के दिनों में हमने जवाबी कार्रवाई बराबर की हैं। ताकि सरहद पार से आतंकी घुसपैठ न कर पाए। हमें काफी हद तक सफलता प्राप्त हुई है। चीन के हेलीकॉप्टर भारत सीमा में घुसने के सवाल पर जनरल रावत ने कहा कि इस वक्त हमारा चाइना के साथ सीमाओं का घालमेल है। हभी हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन परसेप्शन के जरिए ऐसा लगता है कि घुसपैठ हो रही है। यह सिर्फ परसेप्शन की वजह से हो रहा है, क्योंकि दोनों देश के परसेप्शन लाइन ऑफ एक्शन कंट्रोल के भिन्नभिन्न हैं।





