सुप्रीम कोर्ट से भाजपा को मिला बड़ा झटका, प. बंगाल में रथयात्रा की इजाजत नहीं

अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि बोलने और अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार को ध्यान में रखते हुए रथ यात्रा के लिए भाजपा के आवेदन पर निर्णय करे।
मुख्य न्यायाधीश देबाशीष कारगुप्ता और न्यायमूर्ति शम्पा सरकार की खंडपीठ ने मामला वापस एकल पीठ के पास भेजते हुए कहा था कि वह इस पर विचार करते वक्त राज्य सरकार की ओर से दी गई खुफिया जानकारी को ध्यान में रखे। दो जजों की पीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के बाद दिया था जिसमें उसने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी।
बड़ी बेंच में की थी ममता सरकार ने अपील
ममता सरकार के फैसले के खिलाफ भाजपा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद फैसला भाजपा के पक्ष में आया था, लेकिन बाद में बाजी पलट गई। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने फैसला पलटते हुए रथ यात्रा की इजाजत को रद्द कर दिया था।
एकल बेंच के फैसले को ममता सरकार के लिए झटका बताया जा रहा था क्योंकि उसने भाजपा की रथ यात्राओं की इजाजत नहीं दी थी। इसके बाद भाजपा के लिए झटके वाला साबित हुआ। बड़ी बेंच ने फैसला पलटते हुए रथ यात्रा पर रोक बरकरार रखने का फैसला सुनाया।
राज्य सरकार के तीन सबसे वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल ने यात्रा को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। उस आदेश को रद्द करते हुए न्यायमूर्ति तापब्रत चक्रवर्ती की एकल पीठ ने भाजपा के रथ यात्रा कार्यक्रम को मंजूरी दे दी थी।





