बस चालक के बेटे से लंदन का मेयर बनने तक की दास्तां

sadiq_khan_07_05_2016लंदन। सादिक खान को ब्रिटेन की राजधानी लंदन का मेयर चुना गया है। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वे पहले मुस्लिम हैं। कड़े मुकाबले में उन्होंने कंजरवेटिव पार्टी के प्रत्याशी जैक गोल्डस्मिथ को पराजित किया। सादिक लेबर पार्टी के हैं। एक नजर उनके सफर पर –

  • पाकिस्तानी मूल के सादिक अमीर घराने से ताल्लुक नहीं रखते हैं।
  • वे एक कर्मठ व्यक्ति के बेटे हैं। उनके पिता लंदन में बस ड्राइवर थे और मां सिलाई करके घर का खर्च चलाने में मदद करती थीं।
  • सादिक दक्षिणी लंदन में रहने वाले एक पाकिस्तानी अप्रवासी परिवार की आठ संतानों में से एक हैं।
  • सादिक ने एक साधारण सरकारी स्कूल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और फिर वकालत की डिग्री हासिल की।
  • वे मानवाधिकारों के वकील बने और लंदन मेट्रोपोलिटन के खिलाफ नस्ली भेदभाव के मामलों की पैरवी करते रहे।
  • अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ने उन्होंने साल 2005 में लेबर पार्टी के टिकट पर दक्षिणी लंदन की टूटिंग सीट से चुनाव लड़कर की थी।
  • चुनाव में कामयाबी हासिल कर वे ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स में तत्कालीन नेता सदन जैक स्ट्रॉ के निजी संसदीय सचिव नियुक्त हो गए।
  • पिछले साल जब लेबर पार्टी के राजनेता लंदन के मेयर पद के लिए उम्मीदवारी पेश कर रहे थे तब सादिक शायद ही किसी की पहली पसंद थे।
  • सट्टेबाजों का दांव टोनी ब्लेयर युग के अनुभवी नेता और ओलंपिक खेलों को लंदन लाने में अहम भूमिका निभाने वाले बेरोनेस जोवेल पर लगा था।
  • 45 वर्षीय सादिक़ के करियर में एक चीज लगातार रही है, वो है पीछे रहते हुए सबसे आगे आ जाने की कला।
Back to top button