सस्ता हुआ मोबाइल डेटा, फिर भी खर्च बढ़ गया

मल्टीमीडिया डेस्क। क्या आपने ध्यान दिया है कि मोबाइल में किस चीज के लिए आप ज्यादा खर्च करने लगे हैं, कॉलिंग के लिए या डेटा के लिए। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मोबाइल यूजर्स का डेटा पर खर्च बढ़ गया है। यह स्थिति तब है जब टेलिकॉम कंपनियों में डेटा सस्ता करने की होड़ मची है।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कुल मोबाइल बिल में 65 फीसदी हिस्सा इंटरनेट डेटा का होता है जबकि शेष 35 फीसदी हिस्सा वॉइस कॉलिंग सर्विसेस से जुड़ा होता है।
जैसे-जैस उम्र बढ़ती है, डेटा खर्च घटता है
IAMAI की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे मोबाइल यूजर की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे डेटा खर्च घटता जाता है। हालांकि कुल खर्च बढ़ता जाता है। 15 से 24 वर्ष आयुवर्ग वाले यूजर्स अपने बिल का 67 फीसदी हिस्सा डेटा पर खर्च करते हैं। वहीं 50 साल से अधिक उम्र वाले यूजर्स बिल का 50 फीसदी हिस्सा ही डेटा पर खर्च करते हैं।
हर किसी को 4G पसंद है
स्पीड सुधरने के साथ ही डेटा की खपत भी बढ़ती जा रही है। Nokia MBit इंडेक्स 2017 के अनुसार, ज्यादातर यूजर्स को 4जी रास आ रहा है। 2016 में जहां 4जी की खपत 1,407 एमबी डेटा प्रति माह थी, वहीं 3जी डेटा की खपत का आंकड़ा 849 एमबी और 2जी डेटा की खपत का आंकड़ा 259 एमबी रहा। इसमें भी 65-75% ट्रैफिक मोबाइल और सोशल नेटवर्किंग से मिलता है।
“भारत मोबाइल डेटा यूज में दुनिया का नंबर वन देश बन गया है।जियो यूजर्स हर माह 100 करोड़ जीबी डेटा का उपयोग कर रहे हैं।”- मुकेश अंबानी
ज्यादा खर्च होता है डेटा तो अपनाएं ये तरीके
– फोन में कई एप्लिकेशन्स ऐसे होते हैं, जो फोन के बंद रहने पर भी डेटा का उपयोग करते हैं। इससे बचने के लिए ऑटो-सिंक डेटा बंद करें। साथ ही सेटिंग्स में जाकर रेस्ट्रिक्ट बैकग्राउंड डेटा चालू कर दें।
– व्हाट्सएप का ऑटो डाउनलोड बंद रखें। जिस वीडियो या इमेज को डाउनलोड करना है, मैन्युअल करें।
– गूगल मैप का ऑफलाइन प्रयोग करें। जहां जा रहे हैं, उस एरिया को पहले से डाउनलोड कर ऑफलाइन नेविगेशन किया जा सकता है।
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