सरपंच को घर से अगवाकर दुष्कर्म करने के दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सुनाई सजा

हरियाणा में दुष्‍कर्म के दो मामलों में दोषियों को उम्रकैद की सला सुनाई गई है। जगाधरी में सरपंच को घर से अगवाकर दुष्कर्म करने के दोषी को कोर्ट ने ताउम्र कठोर कारावास और साढ़े 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक अन्‍य मामले में कुरुक्षेत्र में बेटी से दुष्‍कर्म करने वाले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

पहला मामला यमुनानगर के जगाधरी का है। यहां अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायधीश डॉ. अब्दुल माजिद की कोर्ट ने महिला सरपंच काे घर से अगवा करने के बाद दुष्‍कर्म करने वाले को कोर्ट ने ताउम्र कैद की सजा सुनाई।  सरकारी वकील अमन कौशिक ने बताया कि सदर जगाधरी के गांव की सरपंच के पति ने पुलिस को बताया था कि 18 मार्च 2017 को अल सुबह करीब साढ़े तीन बजे उसकी सात महीने की बच्ची रो रही थी। जब उसकी मां ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी, तो कमरे में आ गई, जिसने उससे बच्ची के रोने की वजह पूछी।

इसके बाद वह बच्ची को लेकर दूसरे कमरे में चली गई। इस दौरान उसे कमरे से पत्‍नी को गायब पाया। आसपास तलाश करने पर जब वह नहीं मिली, तो परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी दी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह नहीें मिली।

पुलिस को शिकायत में पीडि़ता के पति ने कहा कि 17 मार्च की शाम को रणजीत सिंह को घर के पास खेतों में घूमते देखा था। रणजीत सिंह ही उसकी पत्‍नी को अगवा कर ले गया है। वह पहले से दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग कर रहा है। पुलिस ने 18 मार्च को अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने 11 अप्रैल 2018 को पीडि़ता को बरामद किया। सिविल अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच कराई। साथ ही मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान कराए। पुलिस ने केस में दुष्कर्म सहित अन्य धाराएं जोड़ दी।


नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी सौतेले पिता को आजीवन कारावास

उधर, कुरुक्षेत्र में जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश लाल चंद ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी सौतेले पिता विजय कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 25 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। जिला उप न्यायवादी गोपाल कुमार ने बताया कि 7 अगस्त 2018 को शाहाबाद वासी एक महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि उसने विजय उर्फ भूरा से प्रेम विवाह किया हुआ है। उसकी पहले भी शादी हुई थी उसकी पहली शादी के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बड़े-लड़के तथा सबसे छोटी लड़की शामिल हैं।

म‍हिला ने बताया कि 6 अगस्त 2018 को विजय ने उसकी लड़की के कपड़े उतार रखे थे और उसके साथ गलत काम करने की तैयारी में था। उसी समय वह आ गई जब वह उसको छुड़वाने लगी तो उसने उसको और सभी बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। इस पर पुलिस ने पोस्को एक्ट सहित अन्य कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच महिला उप निरीक्षक दलीप कौर को सौंप दी थी। जांच के दौरान महिला उप निरीक्षक दलीप कौर ने नौ अगस्त 2018 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत की नियमित सुनवाई के दौरान विजय कुमार उर्फ भूरा को दोषी करार दिया गया।

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