सरकार ने कर्ज माफ नहीं किया बैंक ने सार्वजनिक कर दी किसानों की तस्वीरें

श्री माछीवाड़ा साहिब.सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर विश्वास करके बैंकों को कर्जा वापस न करने वाले किसानों को बैंकों ने बेइज्जत करना शुरू कर दिया है। इन्होंने पहले इन किसानों को नोटिस जारी किए पर कर्ज वापस न करने पर अब इनकी तस्वीरें लगाकर इनकी बदनामी शुरू कर दी है। इन किसानों की गिनती सैंकड़ों में है।
सरकार ने कर्ज माफ नहीं किया बैंक ने सार्वजनिक कर दी किसानों की तस्वीरें
सरकार के ऐलान के बावजूद बैंकों ने किसानों के कर्जे पर लकीर नहीं मारी है और वो डिफाल्टर बन गए हैं। समराला में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बोर्ड में इनकी तस्वीरें चिपका दी हैं और नीचे लिख दिया है, ‘यह लोग हमारी बैंक के डिफाल्टर हैं।’ इन तस्वीरों में बुजुर्ग महिलाओं की तस्वीरें भी हैं। इन्हें बैंक में आने वाले लोग बड़ी हैरानी से देख रहे हैं। इन्होंने कर्ज वापस न किया तो इनकी तस्वीरें के बोर्ड शहर के मेन चौक या सार्वजनिक स्थानों पर भी लग सकते हैं। डिफाल्टर किसानों के पास बैंकों के नोटिस पहुंचने शुरू हो गए हैं और उनको पढ़कर उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसकनी शुरू हो गई है। बैंक अफसर भुपिंदर सिंह ने बताया कि कर्ज माफी के ऐलान के कारण किसानों ने अपने कर्ज की किश्तें अदा नहीं कीं जिस कारण रिकवरी केवल 35 से 40 प्रतिशत हुई है और अब आरबीआई के निर्देशों के तहत रिकवरी के नोटिस दिए जा रहे हैं। बैंक के उच्च आधिकारियों के निर्देश पर ही डिफाल्टर किसानों की फोटो लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जब बैंक के अधिकारी किसानों के पास रिकवरी के लिए जाते हैं कुछ तो कर्ज माफ होने की बात कहते हैं और कुछ कहते हैं कि उन्होंने अपनी जमीन कर्ज उतारने के लिए बेचने पर लगा दी है, जब जमीन बिक जाएगी वह कर्ज मोड़ देंगे। 

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एक और किसान रब्ब को प्यारा
फाजिल्का. गांव पक्का चिश्ती में कर्ज से परेशान किसान कश्मीर सिंह ने खुदकुशी कर ली। बेटे गुरविंदर सिंह ने बताया कि पिता ने बैंक व आढ़ती का लगभग 30 लाख रुपए कर्ज देना था। मंगलवार सुबह वह शहर आया हुआ था तो पिता ने मोटर पर जाकर कोई कीटनाशक दवा पी ली। पता चला तो वह उनको सिविल अस्पताल लेकर आए। जहां पर डॉक्टरों ने मृतक घोषित कर दिया।
 
फोटो लगाना गैरकानूनी : राजेवाल
भारती किसान यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा है कि फसलों के कम मूल्य और खेती के बढ़ते खर्चों के कारण किसानों की कमर टूट चुकी है जिस कारण वह खुदकुशियों को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों के बाहर डिफाल्टर किसानों की फोटो लगाना गैरकानूनी है और उनकी यूनियन ऐसी घटिया हरकत करने वाले बैंक मैनेजरों के खि़लाफ मामला दर्ज करवाएगी।
 
 
 
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