शत्रु नहीं हैं शनि

शनिदेव को ज्योतिष शास्त्र में सबसे क्रूर ग्रह माना जाता है, जबकि शनिदेव की क्रूरता पूरा सच नहीं है। दरअसल, शनि न्याय के देवता हैं। इसीलिए बुरे कर्म करने वालों को ही शनिदेव से डरने की जरूरत है। यदि आपके कर्म ठीक हैं और आप धार्मिक हैं, तो शनि ग्रह के स्वामी हमेशा आप पर कृपा बरसाएंगे। सदैव शनिदेव का उपकार पाने के लिए कुछ काम नियमित रूप से करते रहना चाहिए।
– हर समय दूसरों की निंदा करने और षडय़ंत्र रचने में व्यस्त रहने वाले लोगों से दूर रहें।
– कभी किसी के प्रति बुरे विचार न रखें और न ही किसी की हानि के लिए प्रयास करें। अपनी बेहतरी के लिए काम करें, लेकिन दूसरों के अहित का विचार मन में न लाएं।
– गरीब और भूखे लोगों को यथासंभव भोजन कराएं या खाने की दूसरी वस्तुएं दान दें।
– जरूरतमंद व्यक्ति को चमड़े के जूते, चप्पल दान दें।
– गॢमयों में किसी भिखारी को धूप से बचने के लिए काला छाता और ठंड से बचने के लिए काला कंबल दान करें।
– शनिवार को सरसों का तेल या लोहे के बर्तन जरूरतमंद व्यक्ति को देने से शनि प्रसन्न होते हैं।
– अगर आप मंदिर जाते हैं, तो शनिवार को शनिदेव की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।





