विश्व के भविष्य की आर्थिक ताकत है इस देश के बच्चे, सर्वे में हुआ खुलासा…

पढ़ने, गणित और विज्ञान की समझ जानने के लिए किए गए एक सर्वे में पाया गया है कि चीन के छात्र दुनिया में सबसे तेज हैं। भविष्य की आर्थिक ताकत और उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के संघर्ष के लिहाज से इस मामले में चीन दूसरे देशों से आगे निकलने की क्षमता रखता है। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) के दुनिया भर में 15 वर्षीय छात्रों के त्रिवार्षिक अध्ययन में पाया गया कि चीन के चार प्रांतों बीजिंग, शंघाई, जिआंगसु और झेजियांग के छात्र विज्ञान और गणित में बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे।

उन पर इस बात का कोई प्रभाव नहीं था कि घर की आय प्रति सदस्य के औसत से कम थी। पढ़ने के मामले में चीनी छात्रों ने ओईसीडी औसत से बेहतर कौशल का परीक्षण किया। ओईसीडी की महासचिव एंजेल गुर्रिया ने कहा कि आज उनके स्कूलों की गुणवत्ता कल की अर्थव्यवस्थाओं की ताकत को बढ़ावा देगी। 79 देशों में छह लाख छात्रों का पीआईएसए अध्ययन में पाया गया है कि कभी-कभी शिक्षा के लिए समर्पित संसाधनों के बावजूद शिक्षा में सुधार मुश्किल हो रहा है।
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यह ओईसीडी देशों के लिए एक बड़ी समस्या है, जो पिछले दशक में प्राथमिक और माध्यमिक छात्रों पर 15 फीसद से अधिक खर्च कर रहे हैं। गुर्रिया ने कहा कि यह निराशाजनक है कि पहली बार साल 2000 में पीआईएसए को आयोजित करने के बाद से अधिकांश ओईसीडी देशों ने अपने छात्रों के प्रदर्शन में लगभग कोई सुधार नहीं देखा। रिपोर्ट में सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर शैक्षिक उपलब्धि में भी असमानताओं पर भी प्रकाश डाला गया है।
कुछ देशों में जहां शिक्षा पर सरकारी खर्च अधिक है, वहां भी छात्र की पृष्ठभूमि उनके शैक्षिक परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। औसतन प्रत्येक देश में छात्रों के पढ़ने के प्रदर्शन में 12 फीसद की भिन्नता सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी थी। फ्रांस और जर्मनी सहित कई यूरोपीय देशों में यह 17 फीसद से अधिक थी।





