विवेक हत्याकांड- खुफिया एजेंसियां अलर्ट, जानिए कौन भेज रहा है आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी की बीवी के खाते में पैसे

उत्तर प्रदेश ।। लखनऊ के गोमतीनगर में एप्‍पल मैनेजर के साथ हुई वारदात में शामिल आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी और संदीप पर हुई कारर्वाई को लेकर अंदरखाने में कई सवाल खड़े हो रहे हैं । अधिकारियों की अपील के बाद भी पुलिसकर्मियों में असंतोष फैल रहा है । काली पट्टी लगाकर विरोध जताने वाले कुछ अन्‍य पुलिसकर्मियों को भी निंबित कर दिया गया है वहीं तीन एसओ पर सरकार की गाज गिरी है । हालांकि दबी जुबान में पुलिसकर्मी नाइंसाफी की बात कर रहे हैं।

खबर आ रही है कि कई पुलिसकर्मी आरोपी पुलिसकर्मी की पत्‍नी के अकाउंट में पैसे भेज रहे हैं ताकि उनकी मदद हो सके । दबी जुबान में अफसरों पर नाइंसाफी के आरोप लग रहे हैं । हालांकि सिपाहियों की इस एकजुटता की खबर मिलते ही खुफिया एजेंसियों भी चौकन्‍नी हो गई हैं । घटना को लेकर पुलिसकर्मी सामने से कुछ नहीं कह रहे हैं, खुलकर विरोध संभव भी नहीं । लेकिन नाराजगी के ये हालात ठीक नहीं है।
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वहीं दूसरी ओर मामले में बर्खास्त सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के पक्ष में खड़े हो रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ शुक्रवार को विभाग ने ही कार्रवाई की है । विभाग ने विरोध कर रहे लखनऊ के तीन थानेदारों को हटा दिया, इन्हीं थानों के 3 सिपाहियों को भी निलंबित कर दिया गया है।
इस मामले में वाराणसी और मिर्जापुर में 2 बर्खास्त सिपाही भी गिरफ्तार किए गए हैं । मामले में गुरुवार को विवेक केस के आरोपित सिपाही के फेवर में फेसबुक पर गलत टिप्पणी करने वाले एटा में तैनात 2011 बैच के सिपाही सर्वेश चौधरी को भी निलंबित किया गया था।

डीजीपी की ओर से मिले निर्देश के बाद अफसरों ने भी पुलिसकर्मियों को शांत करने की कोशिश करते हुए उनसे संवाद स्‍थापित किया है ताकि उनकी समस्‍याएं सुनी जाएं और उसका समाधान निकले । अफसरो के निर्देश के बाद कोई खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहा लेकिन सिपाहियों के साथ हुए बर्ताव ने सभी सिपाहियों को नाराज कर दिया है । उनका कहना है कि आरोपी सिपाहियों के साथ गलत किया गया है।
इससे पहले डीजीपी साफ कह चुके हैं कि पुलिसकर्मियों को सही प्रशिक्षण की आवश्‍यकता है । उन्‍होने तब विवेक तिवारी हत्या कांड का जिक्र करते हुए कहा कि किसी निहत्थे पर गोली चलाने का क्या औचित्य है ? आरोपित दोनों सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, साथ ही उन्हें नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस बल में शामिल कुछ लोगों की ऐसी हरकतों से पूरे महकमे की कार्य संस्कृति का अंदाजा लगाना ठीक नहीं है।
फोटो- फाइल

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