विधानसभा चुनाव 2018: क्‍या बीजेपी के इस दुर्ग में लहराएगा कांग्रेस का परचम?

मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2013 में बीजेपी निमाड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों पर अपना परचम लहराने में कामयाब रही थी. मौजूदा, मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस, बीजेपी के इस दुर्ग को भेदने कामयाब होती है या नहीं, इसका फैसला 11 दिसंबर को चुनाव के नतीजों को देखने के बाद ही साफ हो सकेगा.विधानसभा चुनाव 2018: क्‍या बीजेपी के इस दुर्ग में लहराएगा कांग्रेस का परचम?

बीते विधानसभा चुनाव 2013 की बात करें तो निमाड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 16 विधानसभा सीटों में 11 पर बीजेपी को जीत मिली थी, जबकि बाकी 5 सीटों पर कांग्रेस का परचम लहराया था. इस चुनाव में खंडवा और बुरहानपुर जिले की सभी छह सीटों पर बीजेपी कब्‍जा जमाने में कामयाब रही थी, जबकि खरगौन जिले की 6 विधानसभा सीटों में बीजेपी और कांग्रेस को 3-3 सीटें मिली थी. वहीं खंडवा क्षेत्र के बड़वानी जिले की 4 सीटों पर 2 में बीजेपी और 2 पर कांग्रेस ने सफलता हासिल की थी.

बीएसपी बढ़ा सकती है कांग्रेस और बीजेपी की मुश्किलें
मध्‍य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में बीएसपी का बहुत बड़ा जनाधार तो नहीं है, लेकिन इतनी मौजदगी जरूर है कि वह कांग्रेस और बीजेपी के लिए आंशिक मुश्किलें खड़ी कर सके. बीते चुनाव में खंडवा और बुरहानपुर जिले की छह विधानसभा सीटों पर बीएसपी की मौजूदगी नजर तो आई थी, लेकिन वह 1 से तीन फीसदी के बीच वोट हासिल करने में ही कामयाब हो सकी थी. बीते चुनावों को ध्‍यान में रखते बीजेपी इस बार बीएसपी को लेकर बहुत अधिक फिक्रमंद तो नहीं है, लेकिन कांग्रेस को यह डर जरूर सता रहा है कि कहीं बीएसपी उसके पारंपरिक वोट को उससे दूर न कर दे.

निमाड़ में हुआ नर्मदा नदी का विकास
मध्‍य प्रदेश के पश्चिम में स्थिति निमाड़ इलाके के एक तरफ विंध्‍य पर्वत तो दूसरी तरफ सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखलाएं हैं. निमाड़ को लेकर यह मान्‍यता भी है कि विश्व की प्राचीनतम नदियों में एक नर्मदा नदी का विकास निमाड़ में ही हुआ था. नर्मदा-घाटी सभ्यता का समय महेश्वर नावड़ाटौली में मिले पुरा साक्ष्यों के आधार पर लगभग ढाई लाख वर्ष माना गया है. विन्ध्य और सतपुड़ा अति प्राचीन पर्वत हैं। यहां यह भी मान्‍यता है कि प्रागैतिहासिक काल के आदिमानव की शरणस्थली सतपुड़ा और विन्ध्य की पर्वत श्रृंखलाएं ही थीं.

ओंकारेश्‍वर है निमाड़ का प्रमुख सांस्‍कृतिक केंद्र
निमाड़ की पौराणिक संस्कृति के केन्द्र में ओंकारेश्वर, मांधाता और महिष्मती है. वर्तमान महेश्वर को प्राचीन काल में महिष्मती कहा जाता था. महेश्‍वर को हाल में ही मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पवित्र नगरी के रूप में घोषित किया है. निमाड़ का महेश्‍वर क्षेत्र सांस्‍कृतिक रूप में धनी तो है ही, साथ ही इस क्षेत्र को शैक्षणिक केंद्र बिंदु भी माना जाता है. यहां के प्रमुख शिक्षण संस्‍थानों में सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय, सरदार पटेल इंजीनियरिंग कॉलेज, चरक फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं.

Back to top button