लैपटॉप लेकर खेतों में बैठते थे स्कूली बच्चे, निकालते थे खातों से पैसा

इंदौर. क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह के ऐसे सरगना को टीकमगढ़ क्षेत्र से दबोचा है, जो बैंक अधिकारी बन लोगों को कॉल करता और डेबिट-क्रेडिट कार्ड नंबर व ओटीपी लेकर खातों से लाखों रुपए उड़ा लेता। 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके इस बदमाश ने गांव के ही कई स्कूली बच्चों अौर महिलाओं को भी ठगी के लिए तैयार कर लिया था। ये सभी लैपटॉप लेकर खेतों में बैठ जाते और ठगी को अंजाम देते थे। अधिकांश बच्चों के पास से महंगे मोबाइल, लैपटॉप और कई फर्जी सिम जब्त हुई हैं। इस गिरोह के तार हरियाणा,यूपी, दिल्ली, झारखंड और जम्मू एंड कश्मीर के बड़े गिरोह से जुड़े हैं। पकड़ा गया सरगना ग्राम असगारी का हुकुम सिंह पिता मुलायम सिंह है। अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर रही क्राइम ब्रांच बदमाश से खुलासा हुआ है कि इसका नेटवर्क हरियाणा, यूपी, दिल्ली, झारखंड और जम्मू एंड कश्मीर के बड़े ठग गिरोह के बदमाशों से है। जल्द ही क्राइम ब्रांच संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क कर जानकारियां जुटा रही है।

ठगी का शिकार इंदौर के तीन लोग सामने आए
बदमाश को क्राइम ब्रांच की टीम टीकमगढ़ से मंगलवार को इंदौर लाएगी। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने इंदौर में 18 लोगों को बैंक अधिकारी बनकर ठगने के लिए कॉल किए थे। इनमें से तीन तो डेबिट-क्रेडिट कार्ड नंबर व ओटीपी बता देने के बाद ठगी का शिकार भी हो चुके हैं। पूछताछ में कई खुलासे होने की उम्मीद है। एएसपी अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी तीन साल से ऑनलाइन ठगी कर रहा है। 10वीं के बाद उसने पढ़ाई भी छोड़ दी थी।
बदमाश को क्राइम ब्रांच की टीम टीकमगढ़ से मंगलवार को इंदौर लाएगी। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने इंदौर में 18 लोगों को बैंक अधिकारी बनकर ठगने के लिए कॉल किए थे। इनमें से तीन तो डेबिट-क्रेडिट कार्ड नंबर व ओटीपी बता देने के बाद ठगी का शिकार भी हो चुके हैं। पूछताछ में कई खुलासे होने की उम्मीद है। एएसपी अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी तीन साल से ऑनलाइन ठगी कर रहा है। 10वीं के बाद उसने पढ़ाई भी छोड़ दी थी।
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आसपास के गांव के कई बच्चों को सिखा दी ठगी
आरोपी प्री-एक्टिवेटेड सिम का इस्तेमाल करता था। ठगी के धंधे में अच्छा पैसा मिलने पर उसने गांव के 15 से 30 साल के युवाओं को लालच दिया। उन्हें बैंक अधिकारी बनकर लोगों से बात करने की ट्रेनिंग भी दी। उसने टीकमगढ़ जिले के ग्राम निवाड़ी, पृथ्वीपुर और तहरका में कई स्कूली छात्रों को इस काम में माहिर बना दिया। ये खेतों में मोबाइल और लैपटाप लिए बैठकर लोगों को कॉल कर वारदात करते थे।
सायबर हेल्पलाइन पर साढ़े चार महीनों में 676 लोगों ने ऑनलाइन ठगी की शिकायतें की थीं। सर्चिंग में 320 नंबर ऐसे मिले थे, जिनसे ठगी के लिए कॉल किए जा रहे थे। इनमें अधिकांश नंबर बिहार और झारखंड के थे। कुछ मप्र, गुजरात और दिल्ली के निकले। टीकमगढ़ के असगारी क्षेत्र के हुकुमसिंह द्वारा ठगी करने के सुराग मिले थे।
– हरिनारायणचारी मिश्र, डीआईजी
– हरिनारायणचारी मिश्र, डीआईजी





