लुधियाना.ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई करने को एडीसीपी ट्रैफिक सुखपाल सिंह बराड़ की ओर से भारत नगर चौक में स्पेशल नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान रेड लाइट जंप करने वाली एक कार चालक लड़की को रोका गया। चालक लड़की कार के डॉक्यूमेंट्स दिखाने को आधा घंटा टालमटोल करती रही। बाद में लड़की ने एडीसीपी बराड़ की तरफ मोबाइल फोन करके डीसीपी लुधियाना से बात करने को कहा।

कई बार मना करने के बावजूद जब लड़की नहीं मानी तो एडीसीपी ने मोबाइल पकड़कर बात की। जिससे पता चला कि दूसरी तरफ बात करने वाला व्यक्ति डीसीपी नहीं, बल्कि करियाने की दुकान चलाने वाला दुकानदार था। इसके बाद लड़की का एक जानकार मौके पर पहुंचा और चालान करने की सिफारिश की। लेकिन पुलिस ने एक सुनते हुए रेड लाइट जंप करने का चालान काट दिया। ट्रैफिक पुलिस के एडीसीपी सुखपाल सिंह बराड़ द्वारा शहर में लगातार स्पेशल नाके लगाकर रूल्स तोड़ने वाले ड्राइवरों पर कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार की दोपहर साढ़े बारह बजे एडीसीपी द्वारा दो दर्जन मुलाजिमों समेत चौक की चारों तरफ नाकाबंदी कर दी। रूल्स तोड़ने वाला कोई भी चालक बचकर निकल पाए, इस लिए चारों साइड मुलाजिमों को खड़ा किया गया था। इस दौरान बस स्टैंड की तरफ से फाउंटेन चौक जा रही कार सवार लड़की ने रेड लाइट होने के बावजूद कार भगा ली। जिस कारण आगे खड़े मुलाजिमों ने उसे रोक लिया।
ट्रैफिक पुलिस ने नहीं सुनी सिफारिश, काटा चालान
स्पेशल नाकाबंदी करने से रूल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों को बचने का मौका नहीं मिलता। हमारा मुख्य टारगेट रेड लाइट जंप करने वालों पर था। लेकिन वॉयलेशन करने वाले अन्य चालकों के भी चालान किए गए है। रूल्स फॉलो करने वाले किसी चालक को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी इसी तरह स्पेशल और सरप्राइज नाके लगाए जाएंगे। -सुखपाल सिंह बराड़, एडीसीपी ट्रैफिक।
नाके पर दो घंटे में काटे 150 चालान : भारतनगर चौक में की गई दो घंटे की नाकाबंदी के दौरान 150 चालान किए गए। जिसमें ज्यादातर चालान रेड लाइट जंप करने, विदाउट सीट बैलेट, शीशों पर जालियां लगाने और हेलमेट के थे। इसमें सिर्फ रेड लाइट जंप करने के ही 110 चालान हुए।
नाकाबंदी के दौरान फाउंटेन चौक की तरफ से रही एक ब्लैक रंग की बत्ती लगी कार को रोका गया। एडीसीपी द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि कार सवार युवक जम्मू-कश्मीर के आईजी सुनिल शर्मा का बेटा आदित्य शर्मा है। वेरीफिकेशन के लिए युवक को थाना डिवीजन नंबर आठ ले जाया गया। लेकिन युवक के सभी दस्तावेज पूरे होने पर वेरीफिकेशन के बाद भेज दिया गया।