लग्जरी कारों पर 10% तक बढ़ेगा सेस, एसयूवी हो सकती है इतनी महंगी
नई दिल्ली. मझोली, बड़ी, लग्जरी व हाईब्रिड कारों और एसयूवी के दाम बढ़ने वाले हैं। इन पर सेस बढ़ाने के अध्यादेश को कैबिनेट ने बुधवार को मंजूरी दे दी। अभी सेस 15% है, इसे 25% तक किया जा सकता है। ड्राइवर समेत 13 लोगों की क्षमता वाले सार्वजनिक वाहनों पर भी यह लागू होगा। इन पर भी अभी 28% जीएसटी के साथ 15% सेस लगता है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सेस कब से और कितना बढ़ाया जाए, यह फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी। इसकी अगली बैठक 9 सितंबर को हैदराबाद में होनी है। जीएसटी से पहले इन गाड़ियों पर 55% तक टैक्स लगता था। अब 43% लगता है।

– 1 जुलाई से टैक्स कम होने के बाद मारुति ने विभिन्न मॉडल्स के दाम 66,000 रुपए, ह्युंडई ने 90,000 रुपए, टाटा ने 1.50 लाख, महिंद्रा ने 50,000 रुपए, टोयोटा ने 2.17 लाख, होंडा ने 1.3 लाख, फोर्ड ने 3 लाख, बीएमडब्लू ने 1.8 लाख और मर्सिडीज ने 7 लाख रुपए तक घटाए थे। सेस बढ़ने से कीमत पुराने स्तर पर आने का अनुमान है।
– जेटली ने कहा, सरकारी नीति का लक्ष्य लक्जरी वस्तुओं को सस्ता करना नहीं हो सकता। जो व्यक्ति एक करोड़ रुपए की कार खरीद सकता है, वह 1.2 करोड़ भी खर्च कर लेगा।
– यह पूछे जाने पर कि क्या आम खपत की चीजों पर सरकार आगे टैक्स कम करेगी, जेटली ने कहा कि काउंसिल इस पर संवेदनशील है, लेकिन राज्यों की रेवेन्यू जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ेगा।
कंपनियों के बयान
– कार कंपनियों ने कहा है कि सेस बढ़ने से उनकी ग्रोथ प्रभावित होगी। उन्होंने सेस बढ़ाने में जल्दबाजी की भी आलोचना की।
– मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी एवं सीईओ रोलां फोल्गर के अनुसार सरकार को छह महीने बाद स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए थी।
– ऑडी इंडिया के प्रमुख राहिल अंसारी ने भी कहा कि सरकार को इस पर अमल 6-12 महीने तक टालना चाहिए।
– जेएलआर इंडिया के एमडी रोहित सूरी ने कहा कि कम टैक्स से डिमांड बढ़ेगी, कंपनियां लोकल मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा निवेश करेंगी जिससे रोजगार बढ़ेंगे। सरकार को इन बातों पर भी गौर करना चाहिए।
सेस कब और कितना बढ़ेगा, फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी
1. क्यों बढ़ाया जा रहा है सेस
जीएसटी से पहले इन गाड़ियों पर 52-55% टैक्स था। जीएसटी में इन पर 28% टैक्स के साथ 15% सेस लगाया गया। यानी अभी पहले की तुलना में कम, 43% टैक्स है। 25% सेस के साथ यह 53%, यानी पहले के स्तर पर आ जाएगा।
2. छोटी कारों पर टैक्स में बदलाव नहीं
4 मीटर से छोटी और 1,200 सीसी से कम इंजन क्षमता वाली पेट्रोल कार पर 28% जीएसटी के साथ 1% सेस लगता है। चार मीटर से कम और 1,500 सीसी से कम क्षमता वाली डीजल कार पर 3% सेस है। इनमें कोई बदलाव नहीं किया।
3. टैक्स घटने से 36% बढ़ गई एसयूवी की बिक्री
-जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री 2.59 लाख से 15% बढ़कर 2.99 लाख रही।
– कारों की कुल बिक्री 8.5% जबकि एसयूवी की 35.7% बढ़ गई।
अध्यादेश की जरूरत क्यों
जीएसटी काउंसिल ने 5 अगस्त को सिफारिश की थी कि इन गाड़ियों पर सेस बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए एक्ट में संशोधन जरूरी है। अध्यादेश के जरिए यह संशोधन होगा।





