रूस-बेलारूस का परमाणु युद्धाभ्यास पूरा

यूक्रेन युद्ध और उसके चलते सैन्य संगठन नाटो से बढ़े तनाव के बीच रूस और बेलारूस ने तीन दिवसीय परमाणु हथियार चलाने का अभ्यास गुरुवार को पूरा कर लिया।

इस अभ्यास में 64 हजार सैन्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने 7,800 हथियारों-उपकरणों के साथ यह अभ्यास पूरा किया। इस अभ्यास के बाद रूस ने परमाणु हथियारों को सीमाओं पर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। परमाणु हथियारों की नई तैनाती रूस और बेलारूस, दोनों देशों में होगी।

इस अभ्यास को देख रहे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस किसी भी युद्ध में आखिरी विकल्प के रूप में परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा। अभ्यास के दौरान रूस ने अपनी परमाणु शक्ति चालित बोरेई क्लास पनडुब्बी को सार्वजनिक किया।

पनडुब्बियों में मिसाइल है तैनात

इस पनडुब्बी में परमाणु शक्ति चालित बैलेस्टिक मिसाइल भी तैनात है। साथ ही पनडुब्बी रोधी विमान, हाइपरसोनिक मिसाइल ¨कजल से लैस मिग-31 लड़ाकू विमान और यार्स इंटरकांटिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल का भी इस्तेमाल किया गया।

अभ्यास में छद्म परमाणु बम भी चलाए गए। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि परमाणु हथियार रूस की संप्रभुता की गारंटी देते हैं और ये हमारी रणनीतिक प्रतिरोधी ताकत हैं। इनका इस्तेमाल युद्ध में आखिरी विकल्प के रूप में किया जाएगा।

Back to top button