राज्यसभा में पास हुआ डिसेबिलिटी बिल, दिव्यांगों को होगा फायदा

संसद का शीत सत्र के खत्म होने के तीन दिन पहले राज्य सभा में डिसेबिलिटी बिल 2014 जरूरी बदलावों के बाद पास हो गया। इस बिल के पास होने का फायदा देश के 7-10 करोड़ दिव्यांगों को फायदा होगा। नया बिल पुराने डिसेबिलिटी ऐक्ट, 1995 की जगह लेगा और यह उम्मीद जताई जा रही है कि दिव्यांग लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा में यह विधेयक अहम भूमिका निभाएगा।
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2011 में हुई जनगणना के अनुसार भारत में 2 करोड़ से ज्यादा लोग किसी ना किसी रूप में दिव्यांग हैं। नए बिल में 21 नई डिसेबिलिटीज को शामिल किया गया है जिसके चलते इससे मिलने वाले फायदों का लाभ अब और ज्यादा दिव्यांग उठा पाएंगे।
इससे पहले लोकसभा में बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा कर दिया। विपक्ष द्वारा हंगामा मचाने के दौरान सदन में प्रधानमंत्री भी मौजूद थे लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही शुरू होते ही इसे पहले 12 बजे स्थगित किया गया और बाद में गुरुवार तक के लिए स्थगित करना पड़ गया।
यह होंगे फायदे
बिल पास होने के बाद इसमें पुराने बिल की 7 के मुकाबले 19 डिसेबिलिटीज का शामिल किया गया है जिसके बाद इनसे ग्रस्त लोगों को फायदा होगा। इन बिमारियों में सेरेब्रल पल्सी, मल्टीपल सिरोयसिस और ऑटिज्म शामिल हैं।
पुराने बिल के मुकाबले संशोधित बिल में 40 प्रतिशत से ज्यादा डिसेबल लोगों को नौकरी, शिक्षा और सरकारी स्कीमों में रिजर्वेशन मिलेगा।
प्रायवेट कंपनियों की इमारतों में डिसेबल लोगों के आने जाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाना होगा।
बिल में दिमागी रूप से बीमार लोगों की गार्डिशनशिप को लेकर कहा गया है कि जिला कोर्ट दो तरह की गार्डिशनशिप दे सकती है।





