राजस्थान के बाड़मेर जिले के बाछड़ाऊ गांव के सैनिक पीराराम हिमस्खलन के कारण हुए शहीद

army jawan Peeraram. जम्मू-कश्मीर में तंगधार के बर्फीले इलाके में 15000 फीट ऊंची चोटी पर तैनात राजस्थान के बाड़मेर जिले के बाछड़ाऊ गांव के सैनिक पीराराम हिमस्खलन के कारण शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि हिमस्खलन की चपेट में आने से उनके सिर में गहरी चोट लग गई और मौत हो गई। पिछले चार दिनों से लगातार जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी के चलते पार्थिव देह अभी तक बाड़मेर में नहीं पहुंच पाई। सोमवार की शाम तक इसके बाड़मेर पहुचने की संभावना है। जिसके बाद उनके गांव बांछड़ाऊ में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पीराराम 2008 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके दो छोटे बच्चे मनोज और प्रमोद हैं। पीराराम का छोटा भाई हेमाराम भी सेना में है। वह भाई के शहीद होने की खबर सुन कर पंजाब के अबोर से घर पहुंच चुका है। वहीं, इस घटना की सूचना के बाद से उनकी पत्नी वगतु देवी बेहोश है और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
इस बीच, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बाड़मेर के बछराऊ क्षेत्र के सेना के जवान पीराराम को ट्वीट कर नमन किया है।
गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान में किशनगढ़ के समीप ग्राम तिलोनिया में बुधवार सुबह सीमा सुरक्षा बल के जवान प्रधान गुर्जर शव एक कार में मिला था। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका जाहिर की थी।
बांदर सिंदरी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम तिलोनिया स्थित तालाब के दलदल में एक कार फंसी होने की सूचना मिली थी। कार को बाहर निकालने पर पिछली सीट पर एक युवक का शव पड़ा मिला। मृतक की पहचान अजमेर के समीप ग्राम बांदरसिंदरी निवासी प्रधान गुर्जर के रूप में हुई। प्रधान गुर्जर सीमा सुरक्षा बल की शिलांग यूनिट में पदस्थ था।
बांदरसिंदरी थाना प्रभारी मूलचंद वर्मा ने बताया कि जवान छह दिन पहले छुट्टी पर आया था और मंगलवार सुबह घर से कार लेकर निकला था। मौके से मिले साक्ष्यों से पुष्टि होती है कि कुछ लोगों ने मिलकर उसकी हत्या की है।





