राजकीय स्कूलों में तैनात 25 शिक्षकों पर गिरेगी गाज

फर्जी दस्तावेजों के बलबूते इन शिक्षकों की हुई है भर्ती
जेडी की जांच में खुलासा होने के बाद शिक्षकों में मचा हडक़ंप
एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का दिया जा चुका है आदेश

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजकीय स्कूलों में शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नौकरी पाने वाले 25 से ज्यादा शिक्षकों की नौकरी पर अब खतरा मंडराने लगा है। शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जल्द ही ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। सरकार की तरफ से फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह लखनऊ मंडल के ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई मंडलों में हुआ है, जिससे शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर ऊंगली उठने लगी है और अधिकारी शक के घेरे में आ चुके हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय स्कूलों में शिक्षक के पदों पर पिछले साल एलटी ग्रेड के सहायक अध्यापकों की तैनाती की गई थी। इन शिक्षकों के अभिलेखों की कराई गई जांच में उन्नाव के राजकीय स्कूल में कार्यरत शिक्षका मनोरमा देवी के दस्तावेज फर्जी होने की बात सामने आई है। इसके अलावा 25 ऐसे अन्य शिक्षक भी जांच के घेरे में आ गए हैं, जिनके दस्तावेज में कोई न कोई गड़बड़ी है। जांच में इसका खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग व नवनियुक्त शिक्षकों में हडक़ंप मच गया है। ऐसे छह शिक्षकों के खिलाफ अगले एक सप्ताह में एफआईआर कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र तिवारी ने बताया कि शिक्षिका ने फैजाबाद विश्वविद्यालय की बीए और बीएड की डिग्री लगाई थी, जो फर्जी निकली है। इस शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

Back to top button