रविवार को मनाया जाएगा हलषष्‍ठी पर्व, जानिए क्‍या है पर्व को मनाने का शुभ मुहूर्त

भाद्रपद माह की कृष्‍ण पक्ष की षष्‍ठी तिथि को हलछठ का व्रत मनाया जाएगा। इस पर्व को भगवान कृष्‍ण के बड़े भाई बलराम जी के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाया जाता है। क्‍योंकि बलराम जी का मुख्‍य शस्‍त्र हल था इसलिए इस पर्व को हलषष्‍ठी या हलछठ के रूप में मनाया जाता है।

ज्‍यातिषियों के मुताबिक, इस व्रत को करने से संतानहीन को श्रेष्ठ संतान की प्राप्ति होती है और जिनकी पहले से संतान है, उनकी संतान की आयु, आरोग्य और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है। इस साल यह त्योहार नौ अगस्त यानि रविवार को मनाया जाएगा।

इस दिन महिलाएं दही और महुवा को एक पलाश के पत्ते पर खाकर व्रत का समापन करती हैं। इस दिन गाय के दूध और दही का सेवन करना भी वर्जित माना जाता है। ज्‍यातिषियों के मुताबिक, षष्ठी तिथि नौ अगस्त को सुबह से 10 अगस्त की सुबह 6 बजकर 42 मिनट तक रहेगी।

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